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हमेशा सीधे बल्ले से खेलने की कोशिश की: न्यायमूर्ति गांगुली
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:02-02-12 09:40 PM
न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी के साथ अपने फैसले में 122 2जी लाइसेंसों को रद्द कर सरकार को कड़ा संदेश देने वाले उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अशोक कुमार गांगुली ने अपनी सेवा के अंतिम दिन गुरुवार को कहा कि उन्होंने हमेशा सीधे बल्ले से खेलने का प्रयास किया।
उच्चतम न्यायालय बार संघ द्वारा आयोजित अपने विदाई समारोह में भावुक न्यायमूर्ति गांगुली ने क्रिकेट खेलने में अपनी दिलचस्पी दिखाते हुए कहा कि वरिष्ठ खिलाड़ियों को युवाओं के लिए जगह बनानी चाहिए, ताकि भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया में अपने खराब प्रदर्शन से उबर सके।
इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेट कप्तान डेविड क्रांपटन की पुस्तक एंड ऑफ ऐन इनिंग का जिक्र करते हुए न्यायमूर्ति गांगुली ने कहा कि इसी तरह यह न्यायाधीश के रूप में मेरी पारी का समापन है। मुझे नहीं पता कि मैंने अपनी पारियां कैसे खेलीं, लेकिन मैंने हमेशा सीधे बल्ले से खेलने की कोशिश की। यह आपको तय करना है कि मैं कैसे खेला।
इस दौरान उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश एस एच कपाडिया, शीर्ष अदालत के अनेक न्यायाधीश, एटार्नी जनरल जी ई वाहनवती और संघ के अध्यक्ष पी एच पारिख मौजूद थे।
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