बिहार बंद के दौरान 'जिगरी यार' बने 'जानी दुश्मन'
बिहार बंद के दौरान 'जिगरी यार' बने 'जानी दुश्मन'
श्रीनिवासन ने ली न्यायाधीश के तौर पर शपथ
हिमाचलः वीरभद्र निकाले गए, अब भी फंसे हैं 1700 लोग
नीतीश के पास कोई सिद्घांत नहीं: शाहनवाज
सौर घोटाले को लेकर केरल विधानसभा में हंगामा
कड़वाहट दूर करने की कवायद में मोदी मिले आडवाणी से दिल्ली में यमुना खतरे के निशान से ऊपर
दिल्ली में यमुना खतरे के निशान से ऊपर
दिल्ली में यमुना खतरे के निशान से ऊपर
परेरा दोषी, पूरी करें सजाः SC
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:12-01-12 11:21 AM
Last Updated:12-01-12 12:14 PM
सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई के कारोबारी एलिस्टर परेरा को दोषी करार दिये जाने और तीन वर्ष कारावास की सजा के फैसले को बरकरार रखा है। परेरा की तेज रफ्तार कार से कुचलकर 2006 में सात लोग मारे गए थे।
सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति आरएम लोधा के नेतृत्व वाली पीठ ने परेरा की जमानत को रद्द कर दिया और कारावास की शेष सजा को पूरा करने का निर्देश दिया। शीर्ष न्यायालय ने यह आदेश परेरा की ओर से बम्बई हाईकोर्ट द्वारा उसे दोषी करार दिये जाने के फैसले को चुनौती देने वाली विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई करते हुए दी।
गौरतलब है कि 12 नवंबर 2006 को मुम्बई में परेरा की तेज रफ्तार कार से कुचल कर सात लोगों की मौत हो गई थी और सात अन्य घायल हो गए थे। परेरा (25 वर्ष) ने तेज रफ्तार से चल रही टोयोटा कोरोला से सड़क के किनारे सो रहे 15 मजदूरों को कुचल दिया था।
निचली अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए छह महीने के कारावास की सजा सुनाई थी। बहरहाल, निचली अदालत के फैसले के प्रति लोगों में भारी असंतोष देखा गया और बम्बई हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए इस मामले की सुनवाई की।
हाईकोर्ट ने छह सितंबर 2007 को परेरा के कारावास की सजा को छह मास से बढ़ाकर तीन वर्ष कर दिया। अदालत ने उस पर 4.5 लाख रुपये का अर्थ दंड भी लगाया और उसे पीड़ितों और मृतकों के परिवार में वितरित करने का निर्देश दिया था। परेरा ने इसके बाद हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।
00

टिप्पणियाँ
स्थानीय ख़बरें
एन सी आर
पंजाब
उत्तराखंड
उत्तर प्रदेश
बिहार
झारखंड
लाइवहिन्दुस्तान पर अन्य ख़बरें
आज का मौसम राशिफल



ई-मेल
