मंगलवार, 30 जून, 2015 | 22:18 | IST
 |  Site Image Loading Image Loading
Image Loading    'मेंढक' को है आपकी दुआओं की जरूरत, कोमा में है आपका चहेता किरदार सुनंदा पुष्कर केस में शशि थरूर का लाइ डिटेक्टर टेस्ट कराने की तैयारी में जुटी पुलिस शर्मनाक: सीरिया में आईएस ने दो महिलाओं का सिर कलम किया उपचुनाव में रिकॉर्ड डेढ लाख वोटों के अंतर से जीतीं जयलिलता, सभी विरोधी उम्मीदवारों की जमानत जब्त धौलपुर महल विवाद: कांग्रेस ने राजे के खिलाफ नए सबूत पेश किए, भाजपा बोली, छवि बिगाड़ने की साजिश ट्विटर पर जॉन ने खोली 'वेलकम बैक' की रिलीज़ डेट, आप भी जानिए बांग्लादेश में उड़ा टीम इंडिया का मजाक, इन क्रिकेटरों को दिखाया आधा गंजा गांगुली ने टीम इंडिया में हरभजन की वापसी का किया स्वागत रोहित समय के पाबंद हैं, उनके साथ काम करना मुश्किल: शाहरूख खान तेंदुलकर ने अजिंक्य रहाणे को दीं शुभकामनाएं
परेरा दोषी, पूरी करें सजाः SC
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:12-01-12 11:21 AMLast Updated:12-01-12 12:14 PM
Image Loading

सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई के कारोबारी एलिस्टर परेरा को दोषी करार दिये जाने और तीन वर्ष कारावास की सजा के फैसले को बरकरार रखा है। परेरा की तेज रफ्तार कार से कुचलकर 2006 में सात लोग मारे गए थे।

सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति आरएम लोधा के नेतृत्व वाली पीठ ने परेरा की जमानत को रद्द कर दिया और कारावास की शेष सजा को पूरा करने का निर्देश दिया।  शीर्ष न्यायालय ने यह आदेश परेरा की ओर से बम्बई हाईकोर्ट द्वारा उसे दोषी करार दिये जाने के फैसले को चुनौती देने वाली विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई करते हुए दी।

गौरतलब है कि 12 नवंबर 2006 को मुम्बई में परेरा की तेज रफ्तार कार से कुचल कर सात लोगों की मौत हो गई थी और सात अन्य घायल हो गए थे। परेरा (25 वर्ष) ने तेज रफ्तार से चल रही टोयोटा कोरोला से सड़क के किनारे सो रहे 15 मजदूरों को कुचल दिया था।

निचली अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए छह महीने के कारावास की सजा सुनाई थी। बहरहाल, निचली अदालत के फैसले के प्रति लोगों में भारी असंतोष देखा गया और बम्बई हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए इस मामले की सुनवाई की।

हाईकोर्ट ने छह सितंबर 2007 को परेरा के कारावास की सजा को छह मास से बढ़ाकर तीन वर्ष कर दिया। अदालत ने उस पर 4.5 लाख रुपये का अर्थ दंड भी लगाया और उसे पीड़ितों और मृतकों के परिवार में वितरित करने का निर्देश दिया था। परेरा ने इसके बाद हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।

 
 
 
अन्य खबरें
 
 
 
 
 
 
 
 
 
जरूर पढ़ें
क्रिकेट
क्रिकेट स्कोरबोर्ड