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वाड्रा पर आरोपों के मामले में आदेश सुरक्षित
लखनऊ, एजेंसी First Published:29-11-12 06:18 PMLast Updated:29-11-12 06:21 PM
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनउ पीठ ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ आम आदमी पार्टी के संस्थापक अरविंद केजरीवाल द्वारा लगाये गये आरोपों की जांच के निर्देश प्रधानमंत्री कार्यालय को देने के आग्रह वाली याचिका पर गुरुवार को शुरुआती सुनवाई के बाद अपना आदेश सुरक्षित कर लिया।

न्यायमूर्ति उमानाथ सिंह तथा न्यायमूर्ति वीरेन्द्र कुमार दीक्षित की खंडपीठ के समक्ष स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर की इस याचिका पर सुनवाई हुई। केन्द्र सरकार की तरफ से पेश अतिरिक्त सालीसिटर जनरल मोहन पाराशरन ने दलील दी कि यह याचिका खारिज किये जाने योग्य है, क्योंकि यह महज मीडिया की खबरों पर आधारित है और जब तक याचिका सम्बन्धी तथ्यों को साबित नहीं कर दिया जाता, तब तक इन्हें सच नहीं माना जा सकता।

उन्होंने यह भी तर्क दिया कि याची को यह याचिका दायर करने का कोई हक नहीं है। उधर, केन्द्र सरकार के इस तर्क का जवाब देते हुए याचिकाकर्ता के वकील अशोक पाण्डेय का कहना था कि जब केन्द्र अपनी आपत्ति में इसे दो लोगों (वाड्रा और डीएलएफ कम्पनी) के बीच का मामला बता रहा है तो फिर इसमें इतनी जल्द पैरवी क्यों की गयी, जबकि बड़ी संख्या में अन्य मामले लम्बित हैं।

याचिकाकर्ता के वकील ने अपनी दलीलों में यह भी आरोप लगाया कि यह मामला बड़े लोगों से सम्बन्धित है। लिहाजा याची के नौ अक्टूबर 2012 के प्रत्यावेदन में प्रस्तुत तथ्यों की बाबत सक्षम प्राधिकारियों से जांच कराने के निर्देश प्रधानमंत्री कार्यालय को दिये जाने चाहिये।

 
 
 
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