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जेपीसी के समक्ष चिदंबरम को बुलाने पर फैसला जल्द
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:08-01-13 08:22 PM
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2जी स्पेक्ट्रम मुद्दे की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के समक्ष वित्तमंत्री पी चिदंबरम को बुलाने के बारे में शीघ्र ही फैसला होने की संभावना है। जेपीसी अपने काम के अंतिम चरण में है और इसके सदस्यों ने एकमत से फैसला किया है कि गवाहों से पूछताछ का काम 12 फरवरी तक पूरा करने लिया जाए। इसके बाद रपट तैयार करने का काम शुरू होगा।

चिदंबरम को गवाह के रूप में बुलाने के सवालों के जवाब में जेपीसी के अध्यक्ष पीसी चाको ने कहा कि किसी को बुलाने के लिए हमें अधिक समय की जरूरत नहीं होती। यह तो केवल नोटिस भेजने और उनके समिति के समक्ष हाजिर होने का सवाल है।

समिति की अगली बैठक 22 जनवरी को होनी है जिसमें कैग के एक पूर्व प्रमुख आडिटर आरपी सिंह उसके समक्ष हाजिर होंगे। सिंह ने आरोप लगाया था कि उन्हें 2जी स्पेक्ट्रम मामले में विवादास्पद रपट पर हस्ताक्षर करने को मजबूर किया गया। चाको ने कहा कि कुछ सदस्यों ने समिति को लिखा था कि हाल ही के कुछ बयानों को देखते हुए आरपी सिंह को फिर समिति के समक्ष बुलाया जाए।

इसके अलावा अटार्नी जनरल गुलाम ई वाहनवत्ती से भी उसी दिन समिति के समक्ष हाजिर होने को कहा गया है। चाको ने चिदंबरम को समिति के समक्ष बुलाने की भाजपा की मांग पर कोई खास जवाब नहीं दिया उन्होंने कहा कि आप जानते हैं कि पहले क्या हुआ था। मांग हुई, बहिर्गमन हुआ और लोग वापस भी आए। उन्होंने कहा कि आज की बैठक में हरिन पाठक तथा रविशंकर प्रसाद मौजूद थे। भाजपा सदस्य यशवंत सिन्हा बैठक में मौजूद नहीं थे जो चिदंबरम को बुलाने को लेकर खासे मुखर रहे हैं। इस बीच सीडीएमए कंपनियों के संगठन एयूटीएसपीआई के सदस्य आज समिति के समक्ष हाजिर हुए।

 
 
 
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