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शिव सेना ने मंगलवार को राहुल गांधी को एक बार फिर निशाने पर लिया। पार्टी ने राहुल द्वारा मुंबई को बम्बई कहे जाने पर आलोचना की है। शहर में छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने इस शब्द का इस्तेमाल किया था।
पिछले सप्ताह मुंबई के दौरे पर आए राहुल ने भाईदास हॉल में छात्रों को संबोधित करने के दौरान कई मौकों पर मुंबई को बम्बई कहा था।
शिव सेना के मुखपत्र सामना के ताजा अंक में पार्टी अध्यक्ष बाल ठाकरे ने कहा है कि ऐसा कह कर राहुल ने मराठियों पर नमक छिड़कने और मुंबई पर महाराष्ट्रियों को अधिकार से वंचित करने का प्रयास किया है।
उन्होंने कहा, ''जो लोग मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की मंशा रखते हैं वही मुंबई को बम्बई कहते हैं।''
ठाकरे ने कहा कि राहुल ऐसा इसलिए कह सके क्योंकि उनकी सुरक्षा में 22,००० पुलिसकर्मी तैनात थे, राज्य के गृहराज्य मंत्री रमेश बाग्वे ने उनके जूते उठाए और मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने एक संतरी का कर्तव्य निभाया।
उन्होंने कहा, ''इसके बाद राहुल ने यह झूठ कहा कि उनके दौरे का महज 1०-15 लोगों ने विरोध किया और शेष मुंबईकरों ने उनका समर्थन किया।'' उन्होंने कहा कि राहुल के दौरे से एक दिन पहले रात के वक्त कई शिव सैनिकों को तथा काले झंडे दिखाने के लिए 5०० से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया।
ठाकरे ने कहा, ''इतने भारी भरकम सुरक्षा घेरे में शहर घूमकर राहुल ने क्या मर्दागी दिखाई।''

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