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आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय की एक संविधान पीठ ने मुस्लिम समुदाय के 15 समूहों को चार प्रतिशत आरक्षण देने के सिलसिले में राज्य विधानसभा द्वारा पारित कानून तथा उसके बाद वर्ष 2007 में जारी सरकारी आदेश को आज दरकिनार कर दिया।
मुख्य न्यायाधीश अनिल रमेश दवे नीत सात सदस्यीय पीठ ने एडवोकेट क़े कोंडला राव की याचिका पर यह आदेश पारित किया।
पिछड़े वर्गों की स्थिति का अध्ययन करने के लिये गठित आयोग की रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार ने विधानसभा में एक विधेयक पेश किया था जिसे बाद में पारित कर दिया गया था।
आयोग की रिपोर्ट में शैक्षिक रूप से पिछड़े लोगों को राज्य में पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने की सिफारिश की गई थी।
इस सिलसिले में विधेयक पारित होने के बाद सात जुलाई 2007 को सरकार ने मुस्लिम समुदाय के 15 समूहों को चार प्रतिशत आरक्षण देने सम्बन्धी शासनादेश जारी किया था।

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