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हरियाणा के पूर्व पुलिस महानिदेशक पर सोमवार को एक युवक ने स्थानीय अदालत के बाहर चाकू से हमला करते हुए उनके चेहरे पर तीन-बार प्रहार किया जिससे उनके खून निकलने लगा।
राठौड़ रुचिका गिरहोत्रा छेड़छाड़ मामले में अपनी अपील पर सुनवाई में शामिल होने के लिए अदालत आए थे। दूसरी ओर रुचिका छेड़छाड़ मामले की चश्मदीद गवाह अनुराधा ने लोगों से कहा कि वे कानून अपने हाथ में न लें।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी निवासी उत्सव शर्मा ने 68 वर्षीय राठौड़ के गाल पर चाकू से हमला किया। खून से सने पूर्व पुलिस महानिदेशक ने कार में बैठने से पहले अपने घाव को एमाल से ढक लिया।
हमलावर युवक अहमदाबाद से फिल्म निर्माण का प्रशिक्षण ले रहा है और उसने पूर्व आईपीएस अधिकारी के गाल पर चाकू मारने के लिए अपने बाएं हाथ का इस्तेमाल किया, जबकि दाएं हाथ से उसने राठौड़ के दूसरे गाल पर घूंसे मारे।
उसने पूर्व पुलिस महानिदेशक की बांह पर भी वार करने की कोशिश की लेकिन वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उस पर काबू पा लिया। शोर-शराबे के बीच जब उसने अदालत से भागने की कोशिश की तो पुलिसकर्मियों ने उसे नीचे गिराकर दबोच लिया।
हमलावर युवक मीडियाकर्मियों के बीच खड़ा था और खुद को पत्रकार के रूप में पेश करते हुए राठौड़ की तस्वीरें लेने का दिखावा कर रहा था।
पत्रकार राठौड़ और अन्य से बात करने के लिए बाहर उनका इंतजार कर रहे थे, क्योंकि अदालती कार्यवाही बंद कमरे में हो रही थी।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि राठौड़ को सेक्टर 16 स्थित राजकीय अस्पताल ले जाया गया, जबकि युवक को नजदीक के सेक्टर 17 के पुलिस थाने ले जाया गया।
अचानक हुए हमले से राठौड़ भौंचक रह गए। उनकी वकील पत्नी आभा उनके पीछे थीं। पुलिस ने कहा कि वे हमले के पीछे के मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
राठौड़ पर हुए हमले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए रुचिका छेड़छाड़ मामले की चश्मदीद गवाह अनुराधा ने लोगों से कहा कि वे कानून अपने हाथ में लेने से बचें।
अनुराधा ने कहा कि साढ़े उन्नीस साल से हम भी हमेशा कानूनी दायरे में ही काम करते रहे हैं। इसलिए मैं आग्रह करूंगी कि लोग यदि आक्रोशित हैं तो भी कृपया कानून के दायरे में रहें। हमें न्यायपालिका की कार्रवाई का इंतजार करना चाहिए और किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए।
रुचिका छेड़छाड़ मामले में दोषी एसपीएस राठौर पर चंडीगढ़ के स्थानीय अदालत के बाहर एक अज्ञात युवक ने हमला कर दिया। उधर, अदालत ने रुचिका केस की सुनवाई बंद कमरे में करने का आदेश दिया है।
मौके पर मौजूद लोगों ने हमलावर को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया है। राठौर के गाल पर कोर्ट के बाहर अज्ञात युवक ने चाकू से तीन बार प्रहार किया। टीवी फुटेज में उसके गाल से रिसता खून साफ दिख रहा था।
पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया है और पूछताछ जारी है। अभी व्यक्ति की पहचान नहीं हो पाई है। विस्तृत रिपोर्ट की प्रतीक्षा है।
उधर, अदालत ने हरियाणा के पूर्व पुलिस महानिदेशक एसपीएस राठौर की याचिका पर रुचिका गिरहोत्रा छेड़छाड़ मामले में बंद कमरे में कार्यवाही शुरू करने के आदेश दिए हैं।
राठौर ने याचिका में रुचिका मामले में अपने को सुनाई गई छह माह कैद की सजा के फैसले को चुनौती दी है। बंद कमरे में कार्यवाही शुरू करने का फैसला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजशेखर अत्री द्वारा किया गया, जिन्होंने राठौड़ की याचिका पर पिछली बार सुनवाई के लिए आज से तीन दिन निर्धारित किए थे।
अत्री ने अदालत में मौजूद मीडियाकर्मियों से बाहर चले जाने को कहा, ताकि वह बंद कमरे में कार्यवाही की शुरुआत कर सकें। अदालत ने कक्ष के बाहर एक बोर्ड भी लगवा दिया जिसमें लिखा है कि मामले की बंद कमरे में सुनवाई हो रही है।
राठौर ने पिछले साल 21 दिसंबर को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश जेएस संधु द्वारा इस मामले में खुद को सुनाई गई छह माह की कैद और एक हजार रुपए के जुर्माने के फैसले के खिलाफ अपील दायर की है। चौदह वर्षीय टेनिस खिलाड़ी रुचिका के साथ छेड़छाड़ की घटना अगस्त 1990 में हुई थी, जिसने अपने परिवार को राठौर द्वारा कथित रूप से प्रताड़ित किए जाने के बाद आत्महत्या कर ली थी।
सीबीआई ने अदालत से राठौर को अधिकतम दो साल कैद की सजा दिए जाने का आग्रह किया है। सीबीआई न्यायाधीश ने राठौर को रुचिका के साथ छेड़छाड़ के मामले में पूर्व आईपीएस अधिकारी को दोषी ठहराया था। राठौर द्वारा फैसले के खिलाफ 13 जनवरी को दायर की गई अपील स्वीकार कर लिए जाने के बाद उन्हें जमानत मिल गई थी।
क्रास अपीलों पर सुनवाई कर रहे अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोनों याचिकाओं को सुनवाई के लिए एक साथ सूचीबद्ध कर दिया, जिन पर सोमवार से सुनवाई हो रही है। राठौर और उनकी वकील पत्नी आभा शिकायतकर्ता मधु प्रकाश के पति आनंद प्रकाश और प्रकाश गिरहोत्रा के पारिवारिक वकील पंकज भारद्वाज अदालत कक्ष में मौजूद थे। मधु प्रकाश रुचिका छेड़छाड़ मामले की चश्मदीद गवाह अनुराधा की मां हैं।
12 अगस्त 1990 को जिस समय रुचिका के साथ छेड़छाड़ हुई, उस समय राठौर पुलिस महानिरीक्षक थे। बाद में वह पुलिस महानिदेशक बने और 2002 में सेवानिवृत्त हो गए।

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