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गृह मंत्री पी चिदंबरम ने रविवार को इस बात से इंकार किया कि पाकिस्तान के साथ वार्ता शुरू करने के बारे में उनके मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के बीच कोई मतभेद हैं।
उन्होंने कहा कि यह सही है कि पाकिस्तान में अभी भी हाफिज सईद और सैयद सलाहुद्दीन (लश्करे तैयबा तथा हिजबुल मुजाहिद्दीन के नेता) जैसी काली शक्तियां भारत के विरुद्ध सक्रिय हैं। लेकिन भारत हाफिज या सलाहुद्दीन से तो वार्ता शुरू नहीं करने जा रहा है।
आंतरिक सुरक्षा पर आज हुई मुख्मंत्रियों की बैठक में चिदंबरम ने कहा था कि सीमा पार से भारत के खिलाफ लश्करे तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसी काली शक्तियां सक्रिय हैं।
बैठक के बाद उनसे सवाल किया गया था कि उनके इस कथन का मतलब क्या यह है कि वह पाकिस्तान से अभी वार्ता शुरू करने के पक्ष में नहीं हैं।
इस तर्क से असहमति जताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार वार्ता हफीज से नहीं, पाकिस्तान सरकार से करेगी। मुझे यह नहीं मालूम की यह वार्ता कब, कैसे और कहां शुरू होगी, बल्कि यह विदेश मंत्रालय का मामला है।
विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय दोनों के मंत्री कैबिनेट की बैठक में कोई निर्णय आपसी सहमति से करते हैं और इस विषय पर दोनों में मतभेद की बात गलत है।
उन्होंने कहा कि जहां तक सरहद पार की काली शक्तियों का सवाल है, उनसे जहां भी हमें चुनौती मिलेगी, हम उन्हें परास्त करेंगे।

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