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साइबर अपराधियों के लिए यह बुरी खबर हो सकती है। अमेरिका की एक कंपनी ने एक ऐसी दूरबीन बना ली है जिससे साइबर अपराधियों की कारगुजारियों पर नजर रखी जा सकेगी।
इंटरनेट टेलीस्कोप नाम की इस दूरबीन से बाटनेट चलाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले हानिकारक साफ्टवेयर से प्रभावित कम्प्यूटरों की लोकशेन का पता लगाया जा सकता है। बाटनेट जोखिम वाले कम्प्यूटरों का ऐसा नेटवर्क होता है जिसे कोई व्यक्ति बुरे इरादों से संचालित करता है।
इंटरनेट पर यह लगातार बढ़ता जा रहा सामान्य लक्षण है। कम्प्यूटरों के इस नेटवर्क का इस्तेमाल निशाना बनाई जाने वाली वेबसाइट को फालतू डाटा से भरकर खराब करने, स्पैम मेल करने या कम्प्यूटर का इस्तेमाल करने वाले लोगों के बैंकिंग लाग इन और पासवर्ड का पता लगाने के लिए किया जाता है।
इन खतरों से निपटने के लिए अटलांटा के एंडगेम सिस्टम्स ने यह दूरबीन ईजाद की है। यह दूरबीन इस बात का पता भी लगा सकती है कि कम्प्यूटर में किस तरह का हानिकारक साफ्टवेयर है और इसका अगला कदम क्या हो सकता है। साइबर अपराधी इंटरनेट का इस्तेमाल कम्प्यूटरों पर गलत कोड डालने के लिए करते हैं, जिनमें आधुनिक सुरक्षा उपाय नहीं होते हैं।
इसके बाद हजारों कम्प्यूटरों के नेटवर्क बाटनेट को बाटनेट आपरेटर आसानी से संचालित कर सकता है जबकि कम्प्यूटर मालिक को पता ही नहीं होता है कि उसका कम्प्यूटर बाटनेट में शामिल हो चुका है। नई दूरबीन बाटनेट में शामिल इस तरह के कम्प्यूटरों का चुपचाप पता लगा लेती है। फिर अगले कुछ डोमैन नेम सर्वर के वेब पतों को खाली करने के लिए जोखिम वाले साफ्टवेयर को अलग कर दिया जाता हैं और प्रत्येक बाट को प्रोगाम किया जाता है ताकि जैसे ही मौजूदा डोमैन खत्म हो जाए तो वह निर्देश स्वीकार कर सके। एंडगेम बाटमास्टर से अधिकार खरीद लेती है और इस तरह नया पता डालने से पहले पूरे बाटनेट पर नियंत्रण सुनिश्चित कर लेती है।
इसके बाद एंडगेम सभी बाट को अपना काम बंद करने का आदेश देकर बाटनेट को खत्म कर देती है या बाटनेट की गतिविधियों में हस्तक्षेप करके बाटमास्टर को पकड़ने की कोशिश करती है। इस दौरान बाटमास्टर यह पता लगाने के लिए अपने डोमैन रजिस्ट्रार से सम्पर्क भी कर सकता है कि उसके डोमैन में क्या गडबडी़ हुई है। इससे रजिस्ट्रार को उसका पता मिल जाता है, जिसे कानून प्रवर्तन अधिकारियों को भेजा जा सकता है।
एंडगेम के ग्राहकों में सरकारी एजेंसियां और कंपनियां भी शामिल हैं जो यह जानना चाहती हैं कि वे जिन संगठनों के साथ व्यापार करना चाहते हैं उनके कम्प्यूटरों वे प्रभावित कर सकते हैं या नहीं। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस रौलैंड ने पिछले सप्ताह साइबर वारफेयर सम्मेलन में एक कंपनी का उदाहरण देते हुए बताया कि यह कंपनी जानना चाहती थी कि वह जिस ऊर्जा कंपनी के साथ काम करने की योजना बना रही है उसमें साइबर अपराध का खतरा तो नहीं है।
इंटरनेट टेलीस्कोप के इस्तेमाल से डाटा देखने पर पता चला कि इस कम्पनी के कम्प्यूटरों को बाटनेट में शामिल किया गया था। अधिकतर सुरक्षा साफ्टवेयर ग्यात खतरों का मुकाबला नहीं कर पाते हैं लेकिन अधिकतर कुशल बाटनेट आपरेटर प्रचलित साफ्टवेयर का इस्तेमाल नहीं करते हैं। न्यूयार्क की संचार कंपनी वेरीजोन के एक सर्वेक्षण के अनुसार साइबर अपराध के 50 प्रतिशत मामले परम्परागत प्रोग्राम से किए गए जो मौजूदा सुरक्षा प्रणाली को भेद सकते हैं।

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