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प्रवर्तन निदेशालय के हाथ मजबूत करते हुए यहां की एक अदालत ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के सहायक विनोद सिन्हा के खिलाफ करोड़ों रुपये के अवैध निवेश और हवाला मामले में गिरफ्तारी का वारंट जारी किया है ।
आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय के आवेदन के बाद अदालत ने मनी लांड्रिंग निरोधक कानून के तहत गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। कई बार समन जारी होने के बावजूद सिन्हा और कोड़ा का अन्य सहायक संजय चौधरी निदेशालय के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ था।
सिन्हा के भाई विकास से इसी मामले में निदेशालय ने अपने क्षेत्रीय कार्यालय में पूछताछ की है और नौ अक्तूबर को मनी लांड्रिंग का मामला दर्ज होने के बाद से सिन्हा की तलाश हो रही है। इस मामले की समांतर जांच में आयकर विभाग ने भी कई समन जारी किए हैं और विनोद इससे बच रहा है। सूत्रों ने कहा कि निदेशालय चौधरी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कराने के लिए अदालत से अनुरोध करने की सोच रहा है।
सूत्रों ने कहा कि सिन्हा हवाला नेटवर्क का बड़ा खिलाड़ी है और कोड़ा के निर्देश पर उसने विदेश में बड़े पैमाने पर निवेश किया है। कोड़ा ने इन आरोपों को खारिज किया और कहा है कि राजनीतिक उद्देश्य से उनके खिलाफ मामला चलाया जा रहा है। मनी लांड्रिंग मामले में कई एजेंसियां जिन कंपनियों के खिलाफ जांच कर रही है उनमें से कई के बोर्ड में सिन्हा शामिल है।
बहरहाल, सूत्रों ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय कोड़ा के खिलाफ फिर से समन जारी करने की तैयारी में है। कोड़ा 19 नवंबर को निदेशालय के समक्ष पेश नहीं हुए थे।

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