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केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने संकेत दिया है कि बतौर मंत्री यह शायद उनका आखिरी कार्यकाल होगा।
केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने संकेत दिया है कि बतौर मंत्री यह शायद उनका आखिरी कार्यकाल होगा, इसके बाद राजनीति से अलग हटकर वह अध्ययन और पुस्तकों की ओर रुख करना पसंद करेंगे।
नई दिल्ली में शुक्रवार को 'हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट' में मुखर्जी से पूछा गया कि अगले पांच वर्षो के बाद वह खुद को कहां देखते हैं और क्या उनकी राष्ट्रपति बनने की अकांक्षा है, तो उन्होंने कहा, ''देवियों और सज्जनों, यह कार्यकाल पूरा होने पर मैं 79 वर्ष का हो जाऊंगा।''
जीवन में अध्यापक, पत्रकार, लेखक, कवि और एक कद्दावर नेता के रूप में खुद को स्थापित करने वाले 74 वर्षीय मुखर्जी ने कहा, ''उस समय (इस कार्यकाल के बाद) मैं अध्ययन की ओर रुख कर लूंगा। मैंने बहुत किताबें एकत्र कर रखी हैं, जिन्हें अब तक पढ़ नहीं सका हूं।''
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के निकट सहयोगी रहे मुखर्जी मौजूदा लोकसभा के नेता हैं। वर्ष 2००4 में मनमोहन सरकार के बनने के बाद से वह 6० से अधिक मंत्री स्तरीय समूहों के प्रमुख रह चुके हैं।
अपने लंबे राजनीतिक जीवन में मुखर्जी ने केंद्र में विदेश, रक्षा, उद्योग, वाणिज्य, जहाजरानी, परविहन, संसदीय कार्य, इस्पात और खान सहित कई अहम विभागों के मंत्री की भूमिका निभाई है।

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