'भारतीयों को अगवा कर सकता है तालिबान' भारत और रूस में परमाणु ऊर्जा सहयोग समझौता आईपीएल-3 का उद्घाटन मैच कोलकाता नाइटराइडर्स ने जीता आईपीएल थ्री की हुई रंगारंग शुरुआत मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी सेवा में होगी तीन माह की देरी महिला सैन्य अधिकारियों को मिले स्थायी कमीशनः कोर्ट विश्व-कप हाकी में अर्जेंटीना से हार भारत आठवें स्थान पर अर्थव्यवस्था फिर तीव्र वृद्धि की राह पर लौटीः प्रणव काठमांडो स्थित भारतीय दूतावास की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी गुजरात दंगेः मोदी के बाद अब नलिन भट्ट को समन
अन्य फोटो
गृह मंत्री ने संवाददाताओं को बताया कि एएफएसपीए में संशोधनों को अंतिम रूप दिया जा चुका है।
सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (एएफएसपीए) को वापस लेने की मांग की पृष्ठभूमि में गृह मंत्री पी चिदंबरम ने बुधवार को कहा कि विवादास्पद कानून में संशोधनों को अंतिम रूप दिया जा चुका है और इसे मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल के पास भेजा गया है।
गृह मंत्री ने संवाददाताओं को बताया कि एएफएसपीए में संशोधनों को अंतिम रूप दिया जा चुका है और इसे मंत्रिमंडल के पास भेजा गया है। एक बार मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के बाद इसे पूरे देश में लागू किया जा सकेगा चाहे वह जम्मू-कश्मीर हो या पूर्वोत्तर।
चिदंबरम से पूछा गया था कि क्या केंद्र सरकार अधिनियम में संशोधन करने जा रही है। जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक दल एएफएसपीए को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस अधिनियम के तहत सशस्त्र बलों को असीमित अधिकार मिले हुए हैं।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस अधिनियम को वापस लिए जाने की मांग की है। इस मुद्दे को लेकर सशस्त्र बलों के साथ विचार-विमर्श किया गया है। मणिपुर में भी इस अधिनियम को निरस्त करने की मांग को लेकर हिंसक प्रदर्शन हुए हैं।

ई-मेल

लिखे (0)






