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सल्फ्यूरिक अम्ल बनाने वाले नए रसायन की खोज हुई
लंदन, एजेंसी
First Published:09-08-12 10:11 PM
वैज्ञानिकों ने एक नए रसायन की खोज की है जो पृथ्वी के वातावरण में सल्फ्यूरिक अम्ल के निर्माण को शुरू करता है। यह अम्ल वातावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह है।
कोलोराडो बाउल्डर विश्वविद्यालय और हेलसिंकी विश्वविद्यालय के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान दल ने एक ऐसे रासायनिक यौगिक की खोज की है जो वातावरण में मौजूद सल्फर डाइऑक्साइड से सल्फ्यूरिक अम्ल का निर्माण कर सकता है। यह यौगिक काबर्निल ऑक्साइड का एक प्रकार है। सल्फ्यूरिक अम्ल का वातावरण और मानव स्वास्थ्य पर बहुत प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
अनुसंधान के मुख्य अध्ययनकर्ता रॉय ली मॉल्डिन ने कहा कि सल्फ्यूरिक अम्ल पृथ्वी के वातावरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पारिस्थितिकीय भूमिका में अम्लीय वर्षण से लेकर नए एरोसॉल कणों का निर्माण शामिल है। इसका वातावरण और स्वास्थ्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। हमारे अध्ययन के परिणाम जीवमंडल और वायुमंडल के रसायनों के बीच नए संबंधों को दिखाते हैं।
अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि नए यौगिक का निर्माण ओजोन और एल्कीन्स के मिलने से होता है। एल्कीन हाइड्रोकार्बन परिवार का सदस्य है जिसका निर्माण प्राकतिक और मानवीय दोनों स्रोतों से होता है। इस अनुसंधान में सल्फ्यूरिक अम्ल के निर्माण का एक नया रास्ता बताया गया है जो अम्लीय वर्षा और अम्लीय बादलों के निर्माण को बढ़ा सकता है जिसका मनुष्यों के श्वसन तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। अमेरिका के इवायरमेंटल प्रोटेक्शन एजेंसी के अनुसार, 90 प्रतिशत से ज्यादा सल्फर डाइऑक्साइड का उत्सर्जन विद्युत संयंत्रों में जैव ईंधन के दहन और अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों से होता है। इस अनुसंधान के परिणाम विज्ञान जर्नल नेचर में प्रकाशित हुए हैं।
कोलोराडो बाउल्डर विश्वविद्यालय और हेलसिंकी विश्वविद्यालय के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान दल ने एक ऐसे रासायनिक यौगिक की खोज की है जो वातावरण में मौजूद सल्फर डाइऑक्साइड से सल्फ्यूरिक अम्ल का निर्माण कर सकता है। यह यौगिक काबर्निल ऑक्साइड का एक प्रकार है। सल्फ्यूरिक अम्ल का वातावरण और मानव स्वास्थ्य पर बहुत प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
अनुसंधान के मुख्य अध्ययनकर्ता रॉय ली मॉल्डिन ने कहा कि सल्फ्यूरिक अम्ल पृथ्वी के वातावरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पारिस्थितिकीय भूमिका में अम्लीय वर्षण से लेकर नए एरोसॉल कणों का निर्माण शामिल है। इसका वातावरण और स्वास्थ्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। हमारे अध्ययन के परिणाम जीवमंडल और वायुमंडल के रसायनों के बीच नए संबंधों को दिखाते हैं।
अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि नए यौगिक का निर्माण ओजोन और एल्कीन्स के मिलने से होता है। एल्कीन हाइड्रोकार्बन परिवार का सदस्य है जिसका निर्माण प्राकतिक और मानवीय दोनों स्रोतों से होता है। इस अनुसंधान में सल्फ्यूरिक अम्ल के निर्माण का एक नया रास्ता बताया गया है जो अम्लीय वर्षा और अम्लीय बादलों के निर्माण को बढ़ा सकता है जिसका मनुष्यों के श्वसन तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। अमेरिका के इवायरमेंटल प्रोटेक्शन एजेंसी के अनुसार, 90 प्रतिशत से ज्यादा सल्फर डाइऑक्साइड का उत्सर्जन विद्युत संयंत्रों में जैव ईंधन के दहन और अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों से होता है। इस अनुसंधान के परिणाम विज्ञान जर्नल नेचर में प्रकाशित हुए हैं।
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