सोमवार, 01 सितम्बर, 2014 | 16:44 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
भारत में बुलेट ट्रेन प्रणाली स्थापित करने के लिये जापान धन, तकनीक और परिचालन सहयोग देने को तैयारजापान बुनियादी ढांचा सुविधाओं तथा स्मार्ट शहरों के निर्माण के लिये भारत को पांच साल में 33.58 अरब डॉलर से अधिक देगाजापान भारत के रक्षा एवं अंतरिक्ष से जुड़े छह प्रतिष्ठानों को निर्यात के लिए प्रतिबंधित विदेशी इकाइयों वाली सूची से बाहर करेगा
 
पहले एसएमएस के प्रेषक 20 साल बाद भी अचंभित हैं
लंदन, एजेंसी
First Published:03-12-12 11:30 PM
 imageloadingई-मेल Image Loadingप्रिंट  टिप्पणियॉ: (0) अ+ अ-

बीस साल पहले विश्व का पहला टेक्स्ट मेसेज (एसएमएस) भेजने वाले ब्रिटिश सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने कहा कि वह इस बात से चकित हैं कि किस तरह यह प्रौद्योगिकी यहां तक विकसित हो गई। इंजीनियर नील पापवर्थ को संयोगवश मैरी क्रिसमस संदेश ब्रिटिश दूरसंचार कंपनी वोडाफोन के निदेशक को भेजने के लिए चुना गया था। नील ने संबंधित साफ्टवेयर विकसित करने पर काम किया था।

नील ने कहा कि दरअसल वोडाफोन पेजिंग में सुधार के लिए एक प्रौद्योगिकी विकसित करना चाहती थी और तब किसी को यह अहसास नहीं था कि यह दूरसंचार संस्कति को कैसे हमेश हमेशा के लिए बदल देगा। ब्रिटेन में पिछले ही साल 150 अरब टेक्स्ट संदेश भेजे गए।

उन्होंने बीबीसी से कहा कि उन दिनों उन्होंने सोचा कि यह एक्जक्यूटीव पेजर की तरह इस्तेमाल होगा। तीन दिसंबर, 1992 को वह 22 साल के थे और दक्षिण पूर्व इंग्लैंड के न्यूबरी में वोडाफोन के दफ्तर में एसएमएस पर काम कर रहे थे। उन दिनों मोबाइल फोन कीबोर्ड नहीं था अतएव उन्होंने कंप्यूटर कीबोर्ड पर संदेश टाइप किया।

 
 imageloadingई-मेल Image Loadingप्रिंट  टिप्पणियॉ: (0) अ+ अ- share  स्टोरी का मूल्याकंन
 
टिप्पणियाँ
 

लाइवहिन्दुस्तान पर अन्य ख़बरें

आज का मौसम राशिफल
अपना शहर चुने  
धूपसूर्यादय
सूर्यास्त
नमी
 : 05:41 AM
 : 06:55 PM
 : 16 %
अधिकतम
तापमान
43°
.
|
न्यूनतम
तापमान
24°