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तनाव भगाने के लिए मार्शल आर्ट सीख रहे हैं IT पेशेवर
चेन्नई, एजेंसी
First Published:06-08-12 11:54 AM
दफ्तर में बढ़ते तनाव से बचने और बदली जीवनशैली से खराब हो रहे स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने के लिए आईटी पेशेवर मार्शल आर्ट सीख रहे हैं।
थाइलैंड के मार्शल आर्ट मुएथाई के एक विशेषज्ञ का कहना है कि इससे पेशेवरों का आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है।
आल इंडिया मुएथाई एंड मिक्स्ड मार्शल आर्ट एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष ज़े केशव ने कहा कि नियमित व्यायाम से शरीर दुरुस्त रहे यह जरूरी नहीं, बल्कि शरीर की बनावट के मुताबिक प्रशिक्षण लेना और विशेषकर कार्य संस्कृति के मुताबिक व्यायाम करना अधिक महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि आमतौर पर आईटी पेशेवर एक जगह दिन में 12 घंटे से अधिक काम करते हैं और उन्हें तनाव से उबरने के लिए व्यायाम से कुछ अधिक की जरूरत है।
पिछले 25 साल से मुएथाई सिखा रहे केशव ने कहा कि पाठयक्रम में शामिल होने वाले आईटी पेशेवरों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। पाठ्यक्रम का उद्देश्य लोगों को व्यावहारिक आत्मरक्षा की तकनीक सिखाना और मानसिक रूप से मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि मार्शल आर्ट आईटी पेशेवरों को न केवल दुरुस्त रहने में मदद करता है, बल्कि आत्मविश्वास बढ़ाने में भी मदद करता है। अभी तक, मैं करीब 5,000 लोगों को प्रशिक्षित कर चुका हूं जिनमें से ज्यादातर आईटी कंपनियों में कार्यरत हैं।
यहां की एक अग्रणी आईटी कंपनी में काम करने वाली 28 वर्षीय कविता विश्वनाथ सप्ताह में दो दिन मुएथाई बाक्सिंग की क्लास में आती हैं।
विश्वनाथ ने कहा कि शुरुआत में मैं इसका प्रशिक्षण लेने में हिचक रही थी, क्योंकि मैं इस बात को नहीं समझ पा रही थी कि किस तरह का प्रशिक्षण मैं लेने जा रही हूं। लेकिन अब, कुछ दिनों के प्रशिक्षण के बाद मुझे एहसास होता है कि यह एक जबरदस्त विधा है।
उन्होंने कहा कि मैं उन सभी लोगों को यह प्रशिक्षण लेने को कहूंगी जो खुद की रक्षा करना चाहते हैं, अपनी उर्जा को एकाग्र करना चाहते हैं और मजेदार तरीके से तनाव दूर भगाना चाहते हैं।
आल इंडिया मुएथाई एंड मिक्स्ड मार्शल आर्ट एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष ज़े केशव ने कहा कि नियमित व्यायाम से शरीर दुरुस्त रहे यह जरूरी नहीं, बल्कि शरीर की बनावट के मुताबिक प्रशिक्षण लेना और विशेषकर कार्य संस्कृति के मुताबिक व्यायाम करना अधिक महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि आमतौर पर आईटी पेशेवर एक जगह दिन में 12 घंटे से अधिक काम करते हैं और उन्हें तनाव से उबरने के लिए व्यायाम से कुछ अधिक की जरूरत है।
पिछले 25 साल से मुएथाई सिखा रहे केशव ने कहा कि पाठयक्रम में शामिल होने वाले आईटी पेशेवरों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। पाठ्यक्रम का उद्देश्य लोगों को व्यावहारिक आत्मरक्षा की तकनीक सिखाना और मानसिक रूप से मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि मार्शल आर्ट आईटी पेशेवरों को न केवल दुरुस्त रहने में मदद करता है, बल्कि आत्मविश्वास बढ़ाने में भी मदद करता है। अभी तक, मैं करीब 5,000 लोगों को प्रशिक्षित कर चुका हूं जिनमें से ज्यादातर आईटी कंपनियों में कार्यरत हैं।
यहां की एक अग्रणी आईटी कंपनी में काम करने वाली 28 वर्षीय कविता विश्वनाथ सप्ताह में दो दिन मुएथाई बाक्सिंग की क्लास में आती हैं।
विश्वनाथ ने कहा कि शुरुआत में मैं इसका प्रशिक्षण लेने में हिचक रही थी, क्योंकि मैं इस बात को नहीं समझ पा रही थी कि किस तरह का प्रशिक्षण मैं लेने जा रही हूं। लेकिन अब, कुछ दिनों के प्रशिक्षण के बाद मुझे एहसास होता है कि यह एक जबरदस्त विधा है।
उन्होंने कहा कि मैं उन सभी लोगों को यह प्रशिक्षण लेने को कहूंगी जो खुद की रक्षा करना चाहते हैं, अपनी उर्जा को एकाग्र करना चाहते हैं और मजेदार तरीके से तनाव दूर भगाना चाहते हैं।
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