बुधवार, 22 मई, 2013 | 11:40 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
यूपीए सरकार फेल: सुषमा स्वराज
 
मंगल पर जलमयी चट्टानों का आवरण
वाशिंगटन, एजेंसी
First Published:21-12-12 08:33 PM
 ई-मेल Image Loadingप्रिंट  टिप्पणियॉ: (1) अ+ अ-
जब किसी स्थान पर लम्बे समय तक पानी उपस्थित रहता है तो वहां गिली मिट्टी के खनिज और चट्टानें आमतौर पर बनती हैं, और मंगल ग्रह का एक विशाल हिस्सा गिली मिट्टी और चट्टानों से ढका हुआ है। यह हिस्सा पूर्व अनुमानित हिस्से से अधिक है।

जॉर्जिया इंस्टीट्य़ूट ऑफ टेक्नॉलॉजी में सहायक प्रोफेसर जेम्स व्रे तथा उनकी टीम ने कहा है कि अपॉर्चुनिटी अंतरिक्ष यान द्वारा अध्ययन की गई कुछ चट्टानों में गिली मिट्टी पाई गई थी। अपॉर्चुनिटी 2004 में मंगल पर ईगल क्रेटर में पहुंचा था।

जियोफिजिकल रिसर्च लेटर्स पत्रिका ने कहा है कि यह अंतरिक्ष यान केवल एसिडिक सल्फेट का ही पता लगा पाया था और वहां से लगभग 22 मील दूर एंडेवर क्रेटर पहुंचा था, उस इलाके में जहां व्रे ने 2009 में गिली मिट्टी होने का अंदेशा जताया था।

इस परियोजना का नेतृत्व जॉर्जिया के ग्रह विज्ञान संस्थान के एल्डेर नोए डॉब्रिया ने किया है और उन्होंने एक स्पेक्ट्रोस्कोपिक विेषण के जरिए गीली मिट्टी के खनिजों की पहचान की है।

जॉर्जिया इंस्टीटय़ूट की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, अनुसंधानकर्ताओं ने बताया है कि मेरिदियानी के मैदानों में भी गीली मिट्टी मौजूद है और अपॉर्चुनिटी ने जब अपने मौजूदा स्थान की ओर प्रस्थान किया था, तो उस दौरान वह इस गीली मिट्टी के हिस्से से होकर गुजरा था।

व्रे ने कहा है, ''खोज के दौरान अपॉर्चुनिटी द्वारा गीली मिट्टी का पता न लगा पाना कोई आश्चर्यजनक नहीं है। हमें इस अंतरिक्ष यान के मंगल पर पहुंचने से पहले तक गीली मिट्टी के वहां होने के बारे में पता नहीं था।''

 
 Image Loadingई-मेल Image Loadingप्रिंट  टिप्पणियॉ: (1) अ+ अ- share  स्टोरी का मूल्याकंन
 
 
टिप्पणियाँ
कृपया ध्यान रखें: अपनी राय देते समय अभद्र शब्द या भाषा का प्रयोग न करें। अभद्र शब्दों या भाषा का इस्तेमाल आपको इस साइट पर राय देने से प्रतिबंधित किए जाने का कारण बन सकता है। टिप्पणी लेखक का व्यक्तिगत विचार है और इसका संपादकीय नीति से कोई संबंध नहीं है। प्रासंगिक टिप्पणियां प्रकाशित की जाएंगी।
टिप्पणियॉ पढ़े(1)
जो कुछ भी हुआ बेहद शर्मनाक, खास तौर से भारतीय संस्कृति और धर्मं के परिप्रेक्ष्य में जिस पर हम सब बहुत गर्व करतें हैं। कानून से ज्यादा सांस्कृतिक क्रांति की ज़रूरत है, हमें अपनी सोच बदलनी होगी विशेष रूप से पुरुष वर्चस्ववादी। इस बदलाव के लिए हमारे देश की महिलायों को सबसे अधिक दायित्व के साथ आगे आना होगा क्योकि वे माँ हैं और उन्हें ही अपने बच्चों(संतानों) को शिक्षित और संस्कारित करना है। घर से ही हमें सदाचार और सहिष्णुता की शिक्षा मिलती है। हमारे सम्पूर्ण व्यक्तित्व बुनियाद हमारी पारिवारिक संस्कृति होती है। पहले अपना घरद्वार अपने घर के इंसानों को सभ्य और संस्कारवान बनाना प्रत्येक नागरिक का कर्त्तव्य है, देश और समाज स्वतः स्वस्थ और विकसित हो जायेंगे/
By A K Singh (30th-December-2012 03:55:PM)
 
 
आज का मौसम राशिफल
अपना शहर चुने  
बादलसूर्यादय
सूर्यास्त
नमी
 : 7:14 AM
 : 17:48 PM
 : 70% %
अधिकतम
तापमान
21.9°
.
|
न्यूनतम
तापमान
8.5°