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इंटरनेट कर रहा 83 करोड़ टन कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन
मेलबर्न, एजेंसी First Published:06-01-13 05:54 PMLast Updated:06-01-13 08:26 PM
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एक अध्ययन के अनुसार इंटरनेट तथा सूचना संचार एवं प्रौद्योगिकी (आईसीटी) उद्योग के दूसरे उपकरणों से सालाना 83 करोड़ टन से अधिक कार्बन डाई आक्साइड उत्सर्जित होती है जिसके 2020 तक दोगुना होने का अनुमान है।

सेंटर फोर एनर्जी एफिसिएंट टेलीकम्युनिकेशंस (सीईईटी) तथा बेल लैब के अनुसंधानकर्ताओं ने यह निष्कर्ष निकाला है। रपट में कहा गया है कि आईसीटी उद्योग का वैश्विक कार्बन डाइ आक्साइड उत्सर्जन में दो प्रतिशत हिस्सा है। यह हिस्सा विमानन उदयोग द्वारा उत्सर्जित कार्बन डाइ आक्साइड के समान है।

आईसीटी उद्योग में इंटरनेट, वीडियो, वायस तथा अन्य क्लाउड सेवाएं आती हैं। इन्वायरमेंटल साइंस एंड टेक्नालाजी में प्रकाशित रपट के अनुसार ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में आईसीटी का हिस्सा बढ़कर 2020 तक दोगुना होने का अनुमान है।

 
 
 
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