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गायब हो गई हैं गुप्त ब्रिटिश औपनिवेशिक फाइलें
लंदन, एजेंसी
First Published:01-12-12 10:33 AM
ब्रिटेन के पूर्व औपनिवेशिक प्रशासन की शीर्ष गुप्त फाइलों से भरे लगभग 170 बक्से गायब हो गए हैं। सरकार का कहना है कि उसके पास केवल सिंगापुर से जुड़ी फाइलों की जानकारी है, जिन्हें 1990 के दशक में नष्ट कर दिए जाने के उसके पास कुछ सबूत हैं।
संसद में दिए गए एक बयान में विदेश और राष्ट्रमंडल कार्यालय (एफसीओ) के मंत्री डेविड लिडिंगटन ने कल कहा कि विभाग को पता है कि ब्रिटेन के पूर्व उपनिवेशों ने ये फाइलें ब्रिटेन को लौटा दी थीं लेकिन इसके बाद इन फाइलों का क्या हुआ, इसकी जानकारी उनके पास नहीं है।
लिडिंगटन ने कहा कि एफसीओ अभी भी इस बात की पुष्टि करने में असमर्थ है कि ये 170 बक्से मौजूद हैं या नष्ट हो गए। उन्होंने कहा कि इस बात के कुछ सबूत हैं कि सिंगापुर से संबंधित शीर्ष गुप्त फाइलें 1990 के दशक में समीक्षा के दौरान नष्ट कर दी गयी थीं।
एफसीओ ने अभी भी गायब फाइलों या उनके नष्ट होने के सबूतों का पता लगाने का काम जारी रखा है। एफसीओ ने फाइलों के गायब होने की बात ऐसे समय में कही है जब केन्या और साइप्रस में ब्रिटेन के विवादस्पद गतिविधयों से जुड़ी गुप्त औपनिवेशिक फाइलें, दक्षिण पश्चिम लंदन में द नेशनल आर्काइव्स में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध करा दी गयी हैं।
केन्या से जुड़ी फाइलें 1963 में केन्या को आजादी मिलने से थोड़े समय पहले सामने आयी थीं। इनसे वृद्ध केन्याइयों के अदालत में किए गए उन दावों को बल मिला था, जिसमें उन्होंने ब्रिटिश सेना द्वारा वर्ष 1950 में किए गए माउ माउ क्रांति के दमन के दौरान उन्हें प्रताडित किए जाने की बात कही थी। अब ये फाइलें आम जनता के लिए सार्वजनिक कर दी गयी हैं।
संसद में दिए गए एक बयान में विदेश और राष्ट्रमंडल कार्यालय (एफसीओ) के मंत्री डेविड लिडिंगटन ने कल कहा कि विभाग को पता है कि ब्रिटेन के पूर्व उपनिवेशों ने ये फाइलें ब्रिटेन को लौटा दी थीं लेकिन इसके बाद इन फाइलों का क्या हुआ, इसकी जानकारी उनके पास नहीं है।
लिडिंगटन ने कहा कि एफसीओ अभी भी इस बात की पुष्टि करने में असमर्थ है कि ये 170 बक्से मौजूद हैं या नष्ट हो गए। उन्होंने कहा कि इस बात के कुछ सबूत हैं कि सिंगापुर से संबंधित शीर्ष गुप्त फाइलें 1990 के दशक में समीक्षा के दौरान नष्ट कर दी गयी थीं।
एफसीओ ने अभी भी गायब फाइलों या उनके नष्ट होने के सबूतों का पता लगाने का काम जारी रखा है। एफसीओ ने फाइलों के गायब होने की बात ऐसे समय में कही है जब केन्या और साइप्रस में ब्रिटेन के विवादस्पद गतिविधयों से जुड़ी गुप्त औपनिवेशिक फाइलें, दक्षिण पश्चिम लंदन में द नेशनल आर्काइव्स में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध करा दी गयी हैं।
केन्या से जुड़ी फाइलें 1963 में केन्या को आजादी मिलने से थोड़े समय पहले सामने आयी थीं। इनसे वृद्ध केन्याइयों के अदालत में किए गए उन दावों को बल मिला था, जिसमें उन्होंने ब्रिटिश सेना द्वारा वर्ष 1950 में किए गए माउ माउ क्रांति के दमन के दौरान उन्हें प्रताडित किए जाने की बात कही थी। अब ये फाइलें आम जनता के लिए सार्वजनिक कर दी गयी हैं।
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