गुरुवार, 03 सितम्बर, 2015 | 10:00 | IST
 |  Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
अमरोहा: कुमराला गांव के पास सड़क पार कर स्कूल जा रही कक्षा चार की छात्रा को दूसरे स्कूल की बस ने टक्कर मारी। छात्रा की हालत गंभीरउत्तराखंडः रुड़की क्षेत्र में लक्सर के दाबकी गांव में महिलाओं ने देशी शराब के ठेके में आग लगाई
इंटरनेट ने मिलाया बिछड़े 'मनी' को परिवार से
जबलपुर, एजेंसी First Published:02-12-2012 10:57:24 AMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
Image Loading

कहते हैं कि इंटरनेट वह जादुई दुनिया है, जो पल भर में ही अनजान लोगों से मिला देती है। मगर मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के एक परिवार के लिए यह बिछडे़ बेटे से मिलाने का माध्यम बन गया।

जबलपुर के कांचघर निवासी अधिवक्ता गुरुशरण सिंह बेदी के लिए सात जुलाई 2002 का दिन मुसीबत बनकर आया था, क्योंकि इसी दिन उनका आठ वर्ष का बेटा मनी लापता हो गया था। इसके बाद बेदी ने अपने बेटे को खोजने के लिए हर सम्भव कोशिश की, मगर सफलता नहीं मिली।

बेदी ने पुलिस से लेकर न्यायालय तक का दरवाजा खटखटाया, मगर बात नहीं बनी। पुलिस पर दबाव बना तो उसने बेदी परिवार को एक अंजान बालक सौंपने की कोशिश की। जांच में वह बालक झारखंड का निकला।

बेदी बताते हैं कि उन्होंने शुरू से ही पुलिस द्वारा लाए गए बच्चे को अपना बेटा इसलिए नहीं स्वीकारा क्योंकि वह नागपुर के स्टेशन पर काम करता था। एक तरफ  बेदी अपने बेटे को खोज रहते थे, तो मनी अपने परिवार की तलाश में लगा था।

मनी ने एक दिन इंटरनेट के जरिए जबलपुर के पुलिस अधिकारी का फोन नम्बर हासिल कर लिया और उन तक अपनी बात पहुंचाई। मनी के संदेश के आधार पर पुलिस ने उसके परिवार का पता खोज निकाला और वह अपनों के बीच जा पहुंचा।

मनी बताता है कि उसका जबलपुर से अपहरण हो गया था और वह अपहरणकर्ताओं के चंगुल से निकलकर जम्मू एवं कश्मीर पहुंचा, जहां पुलिस ने दो दिन तक थाने में रखने के बाद अनाथालय एसओएस बालग्राम भेज दिया। वह अरसे तक इतने तनाव में रहा कि उसे कुछ भी याद नहीं रहा और वह कुछ भी समझने की स्थिति में नहीं था।

वक्त गुजरने के साथ मनी ने पढ़ाई शुरू की। काफी कोशिश करने के बाद पुरानी यादें ताजा हुईं और मनी ने जबलपुर के पुलिस अधिकारी से सम्पर्क किया और उसे अपने घर का पता मिल गया।

मनी के घर पहुंचते ही पूरा परिवार में खुशी का माहौल है। मनी की मां निर्मला कौर कहती हैं कि हमारे लिए अब तक सारे त्योहार नीरस रहते थे। मैं ईश्वर से अपने बेटे से मिलाने की प्रार्थना करती थी और भगवान ने प्रार्थना सुन ली।

एक तरफ इंटरनेट लोगों के अज्ञान को मिटाने में मदद कर रहा है तो इसी इंटरनेट ने जबलपुर में खुशियां लौटाने में मदद की है। इंटरनेट ने बेदी परिवार को 10 साल बाद बेटे के लौटने पर खुशियां मनाने का मौका दे दिया है।

 

 
 
 
 
जरूर पढ़ें
क्रिकेट
Image Loadingश्रीलंका में 22 साल बाद भारत ने टेस्ट सीरीज जीती
भारतीय क्रिकेट टीम ने सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर जारी तीसरे टेस्ट मैच के पांचवें दिन श्रीलंका को 117 रनों से हराया। इस जीत के साथ भारत ने 22 साल बाद टेस्ट सीरीज पर कब्जा कर इतिहास रचा।
 
क्रिकेट स्कोरबोर्ड Others
 
Image Loading

मैथ नहीं जानते
टीचर-सोनू, तुम्हारे पापा ने 10 प्रतिशत के सालाना ब्याज पर 5000 रुपए कर्ज लिए। वे एक साल बाद कर्ज वापस करते हैं, बताओ वह कुल कितने पैसे वापस करेंगे?
सोनू-कुछ भी नहीं।
टीचर (गुस्से में)-तुम मैथ नहीं जानते।
सोनू-सर, मैं तो मैथ जानता हूं, पर आप मेरे पिताजी को नहीं जानते