शनिवार, 25 अक्टूबर, 2014 | 02:46 | IST
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संयुक्त राष्ट्र में जारी किया गया आकाश-2
संयुक्त राष्ट्र, एजेंसी First Published:29-11-12 03:43 PMLast Updated:29-11-12 04:02 PM
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संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने भारत में पहले स्वदेशी रूप से बनाए गए कम कीमत वाले टैबलेट आकाश-2 को यहां जारी किया। आकाश को जारी करते हुए मून ने सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत को एक सुपर पावर बताया।

संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की वर्तमान अध्यक्षता के अवसर पर आकाश टैबलेट को जारी किया गया।

आकाश टैबलेट की निर्माता कंपनी, डेटाविंड, के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनीत सिंह टुली ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव को यह उपकरण भेंट किया। मून ने टैबलेट की प्रशंसा करते हुए इसे छोटा और हाथ में सुगता से ले जाया जा सकने वाला उपकरण बताया।

बान ने कहा कि सुरक्षा मुद्दों पर भारत एक महत्वूपूर्ण देश है, लेकिन साथ ही भारत विकास और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी नेता है। दरअसल, भारत सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक महाशक्ति है। इसी कारण से भारत में हैदराबाद जैसी जगहों को सायबराबाद के नाम से जाना जाता है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा कि वह जानते हैं कि आकाश हिन्दी का शब्द है जिसका मतलब अंग्रेजी में स्काई होता है। मून ने दुनिया भर के देशों से संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर काम करने का आह्वान किया ताकि युवा पीढ़ी को आकाश की बुलंदियां छूने और अपने सपने पूरे करने में मदद मिले।

उन्होंने कहा कि तकनीक खुद में एक अंतहीन चीज है और यह लोगों को अपने पूरी क्षमता का इस्तेमाल करने में सशक्त बनाती है। मून ने कहा कि सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास के पहिए हैं और यह लोगों के जीवन को बेहतर करने में मदद कर सकते हैं। यह लोगों को दूर-दराज बैठकर एक दूसरे से संवाद स्थापित करने में, व्यापार और वाणिज्य जैसी सुविधाओं का लाभ उठाने में और स्वास्थ्य सेवा एवं शिक्षा की बेहतर उपलब्धता प्रदान करने में मदद करते हैं।

उन्होंने कहा कि तकनीक से लोगों के जीवन को बेहतर करने में मदद मिलती है, लेकिन चुनौती है कि तकनीक की शक्ति का पूरा लाभ उठाया जाए और इस स्तर पर जो खाई है उसे पाटा जाए।

मून ने कहा कि हमें सभी बच्चों और युवाओं को सूचना और संचार प्रौद्योगिकी द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे अवसरों का लाभ उठाने में मदद करना होगी, विशेषकर उन लोगों की जो डिजिटल क्रांति से अब तक अनछुए रहे हैं।

टुली ने टेबलेट के बारे में पूरा ब्यौरा दिया और भारत में शिक्षा क्षेत्र में इससे होने वाली सहायता से जुड़ी इसकी क्षमताओं के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि टैबलेट पर अभी भी काम चल रहा है और इसमें कुछ सुधार किए जाएंगे और हर छह महीने पर नयी चीजें जोड़ी जाएंगी।
 
 
 
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