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काबुल में भारतीय दूतावास पर हमले की घटना पर चिंता जताते हुए भारत के राजदूत ने आतंकवाद से निपटने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय संधि बनाने का आहवान किया।
काबुल में भारतीय दूतावास पर हमले की घटना पर चिंता जताते हुए संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत हरदीप सिंह पुरी ने वैश्विक नेताओं से आतंकवाद से निपटने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय संधि बनाने का आहवान किया है।
पुरी ने महासभा की सामाजिक, मानवता संबंधी मामलों और मानवाधिकार मुद्दों से संबंधित समिति से कहा काबुल में हमारे दूतावास को एक बार फिर निशाना बनाया गया है, जिसमें बड़ी संख्या में भारतीय सुरक्षाकर्मियों के घायल होने के साथ अफगान नागरिक मारे गए हैं।
उन्होंने कहा अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए आतंक की निंदा करने के साथ बात यह अहम है कि हम आतंक के खिलाफ लड़ाई के लिए कानूनी ढांचे को मजबूत करें।
इससे पहले, संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने भारतीय दूतावास पर हमले की निंदा की थी। सुरक्षा परिषद ने भी हमले पर अफसोस जताते हुए इसके लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाने की मांग की थी।
हमले की जिम्मेदारी तालिबान ने ली है। अपनी वेबसाइट पर तालिबान ने लिखा है कि उसके एक शहीद ने कूटनीतिक इलाके में एक आत्मघाती कार बम विस्फोट किया और उसका मुख्य निशाना भारतीय दूतावास था।
भारत के शीर्ष कूटनीतिज्ञ ने कहा कि आतंकी हमलों के बढ़ते खतरे को देखते हुए समय आ गया है कि अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक समझौता (सीसीआईटी) का खाका पूरी तरह तैयार किया जाए क्योंकि इस दस्तावेज पर कई वर्षों से सिर्फ बातचीत ही चल रही है।
पुरी ने कहा समय आ गया है कि वैश्विक समुदाय वार्ताएं पूरी करे और समझौते को स्वीकार कर प्रतिबद्धता जाहिर करे। संधि का एक संशोधित खाका भारत ने 2001 में संयुक्त राष्ट्र के सामने पेश किया था।

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