बुधवार, 22 अक्टूबर, 2014 | 13:28 | IST
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दो महीने में मिल जाएंगे 2272 परिवारों को घर
First Published:27-04-12 01:25 AM

नोएडा। कार्यालय संवाददाता। सेक्टर 100, 135 और 73 में अगले दो महीने में 2272 परिवारों को अपने फ्लैट मिल जाएंगे। ये सभी फ्लैट्स अथॉरिटी ने गरीबों और मध्यम वर्ग की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए हैं। सेक्टर 100 और 135 में जहां 1040 परिवारों को एलआईजी फ्लैट्स मिलने हैं, वहीं सेक्टर 73 में 1232 गरीब परिवारों के लिए ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स का काम चल रहा है।

अथॉरिटी के अधिकारियों का कहना है कि ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स का काम अंतिम चरण में है। फ्लैट बन चुके हैं। फर्श, दरवाजे, खिड़की और सीवर जैसे काम बचे हैं, जिन्हें दो महीने के अंदर पूरा कर लिया जाएगा। यहां बता दें कि अथॉरिटी ने 2006-07 में एलआईजी और ईडब्ल्यूएस की योजना निकाली थी। सेक्टर 100 में 632 एलआईजी फ्लैट हैं।

इसके अलावा सेक्टर 135 में 408 एलआईजी फ्लैट्स हैं। जिनका निर्माण पिछले साल ही पूरा हो चुका है। इन फ्लैट्स का ड्रा पिछले साल 20 अक्टूबर के करीब होना था। मगर अधिकारियों ने दीवाली के बाद ड्रा कराने की बात कहकर इसे टाल दिया। उसके बाद तत्कालीन सीईओ का स्थानांतरण हो गया। तब से इनके ड्रा की तारीख तय नहीं हो पाई है।

एक साथ होगा ड्राअधिकारियों का कहना है कि एलआईजी और ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स का ड्रा एक साथ किया जाएगा। अगले दो महीने में सेक्टर 73 में फ्लै्टस का निर्माण पूरा हो जाएगा। इस दौरान तीनों सेक्टरों के फ्लैट्स का ड्रा कर दिया जाएगा। दो पॉकेट में बन रहे हैं ईडब्ल्यूएस फ्लैट्ससरफाबाद गांव से सटे सेक्टर 73 के एक पॉकेट में 608 फ्लैट निर्माणाधीन हैं।

जिनका 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। दूसरे पॉकेट के 624 फ्लैटों का काम 85 फीसदी तक पूरा हो गया है। प्रोजेक्ट इंजीनियर का दावा है कि अगले दो महीने में बचे काम पूरे कर लिए जाएंगे। कितने रुपये में मिलेंगेये फ्लैट गरीबों के लिए बनाए जा रहे हैं। एक फ्लैट की कीमत ढाई लाख रुपये रखी गई है।

इनकी बढ़ी लागत भी एलआईजी फ्लैट्स में जोड़ दी जाएगी। इससे एक एलआईजी फ्लैट की कीमत करीब 15 लाख रुपये तक हो जाएगी। सेक्टर 122 में बन रहे 3200 फ्लैट्स गरीबों के लिए सेक्टर 122 में भी करीब 3200 फ्लैट्स बनाए जा रहे हैं। पर ये फ्लैट्स केवल झुग्गी झोपड़ी वालों को ही मिलेंगे।

चीफ प्रोजेक्ट इंजीनियर संतराम सिंह ने बताया कि झुग्गी झोपड़ी पुनर्वास योजना के तहत पहले झुग्गीवालों को प्लॉट मिलने थे। मगर जमीन की कमी को देखते हुए फ्लैट्स दिए जा रहे हैं।
 
 
 
 
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