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मूल्यांकन के दौरान परीक्षकों की गलतियों का खामियाजा अब परीक्षार्थियों को नहीं भुगतना पड़ेगा। समस्या से निजाद दिलाने के लिए अब छात्र-छात्रओं की कॉपियां दो बार चेक की जाएंगी। किसी कॉपी में गलती पकड़े जाने पर परीक्षकों का पारिश्रमिक काटा जाएगा। साथ ही ऐसे शिक्षक भविष्य में मूल्यांकन डय़ूटी भी नहीं कर पाएंगे।
यूपी बोर्ड की परीक्षाएं चार मार्च से शुरू होने वाली है। परीक्षाओं से पहले शिक्षा विभाग की ओर से परीक्षाएं सुचारू रूप से निपटाने की कवायद शुरू हो गई है। गौरतलब है कि सीबीएसई की तर्ज पर यूपी बोर्ड द्वारा स्टेप मार्किग पद्धति लागू करने से बोर्ड परीक्षार्थियों को काफी फायदा हुआ है। फिर भी बोर्ड उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्याकंन के दौरान परीक्षकों की गलतियों के कारण परीक्षार्थियों को काफी परेशानी ङोलनी पड़ती थी। बोर्ड ने अब छात्रों की इस समस्या का स्थाई समाधान खोज निकाला है। नए नियमानुसार अब बोर्ड पुस्तिकाओं का निरीक्षण शत-प्रतिशत दोबारा किया जाएगा। वहीं मूल्यांकन के दौरान हुई गलतियों की परीक्षकों को भारी कीमत चुकानी होगी। अंकेक्षण में खामी मिलने पर परीक्षक के पारिश्रमिक में से कटौती की जाएगी। साथ ही भविष्य में वह मूल्यांकन डय़ूटी करने से भी वंचित रहेंगे।
जिला विद्यालय निरीक्षक रविंद्र सिंह ने बताया कि बोर्ड पुस्तिकाओं का मूल्याकंन अब दो किया जाएगा। इससे पहले अंकेक्षक द्वारा सिर्फ 15 प्रतिशत कॉपियां ही फिर से जांची जाती थी। उन्होंने बताया कि इससे मूल्याकंन में होने वाली गलतियों से छुटकारा मिलेगा। इसके लिए परीक्षकों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

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