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वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि भारत ने मंदी का सामना अन्य देशों की तुलना में बेहतर तरीके से किया है।
वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार को कहा हालांकि भारत ने वैश्विक वित्तीय संकट का सामना अन्य देशों की तुलना में बेहतर तरीके से किया है, लेकिन अर्थव्यवस्था का फिर से अच्छी स्थिति में लौटना इस बात पर निर्भर करता है कि दुनिया की अन्य अर्थव्यवस्थाएं कितनी तेजी से पटरी पर लौटती हैं।
मुखर्जी ने वार्षिक हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट में बताया,'' सिर्फ घरेलू अर्थव्यवस्था में मांग बढ़ाकर और निर्यात के लिए नए बाजार तलाश कर अर्थव्यवस्था को पहले की तरह मजबूत स्थिति में नहीं पहुंचाया जा सकता।''
उन्होंने कहा, ''यूरोप की विकसित अर्थव्यवस्थाओं, जापान और अमेरिका में हमारे निर्यात के 62 फीसदी हिस्से की खपत होती है। सूचना तकनीक क्षेत्र का हमारे निर्यात में प्रमुख योगदान है। लेकिन मंदी में आउटसोर्सिग में कमी आने के कारण सूचना तकनीक क्षेत्र को तगड़ा झटका लगा है।''
मुखर्जी ने कहा,'' अर्थव्यवस्था में सुधार की गति धीमी है। क्या यह लगातार बनी रहेगी, इस पर अभी निश्चित रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता। हमें अभी आंकड़े का इंतजार करना होगा।''
वित्त मंत्री ने कहा,'' मुझे विश्वास है कि तीसरी और चौथी तिमाही में हम लक्ष्य तक पहुंचेंगे। मनमोहन सिंह सरकार में सबसे वरिष्ठ मंत्री मुखर्जी ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था को आगे लंबा रास्ता तय करना है जो कि आसान नहीं है।

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