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वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि बिजली की कमी को पूरा करने के लिए परमाणु ऊर्जा जरूरी है।
वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा कि ऊर्जा के सीमित पारंपरिक स्रोतों के मद्देनजर भारत को बिजली की कमी से निपटने और आर्थिक वृद्धि दर को रफ्तार देने के लिए परमाणु ऊर्जा पर जोर देने की जरूरत है।
परमाणु वैज्ञानिक होमी जहांगीर भाभा की जन्मशती के मौके पर एक सिक्का जारी करते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि हमारी ऊर्जा की जरूरत सिर्फ परमाणु और गैर पारंपरिक स्रोतों पर ध्यान देने से ही पूरी होगी।
दीर्घकालिक नजरिए वाले प्रमुख परमाणु कार्यक्रमों की सिफारिश करते हुए मुखर्जी ने कहा कि अच्छी गुणवत्ता वाली बिजली की उपलब्धता आवश्यक है, हमारे पारंपरिक स्रोत बिजली उत्पादन के लिहाज से नाकाफी हैं। उन्होंने कहा कि कोयला भंडार कम हो रहा है और पनबिजली की क्षमता सीमित है। साथ ही पारंपरिक स्रोतों का अतिशय दोहन पर्यावरण संबंधी चिंता भी पेश कर रहा है। मुखर्जी ने कहा कि ऊर्जा के पारंपरिक स्रोतों के उलट परमाणु ऊर्जा प्रदूषण रहित है।
भाभा के योगदान को याद करते हुए मुखर्जी ने कहा कि उन्होंने उस वक्त काम करना शुरू किया जबकि परमाणु विज्ञान शुरूआती दौर में था और लोगों को पता नहीं था कि आर्थिक विकास में इसकी क्या भूमिका हो सकती है।

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