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जब विकिरण के खतरे से सहम उठी थी दिल्ली

9 अप्रैल 2010

मायापुरी के कबाड़ मार्केट में रेडिएशन

तुगलकाबाद गैस रिसाव कांड से ठीक 7 साल पहले मायापुरी की घटना जेहन में ताजा हो जाती है। मायापुरी के कबाड़ मार्केट में कोबाल्ट-60 के रेडिएशन से हड़कंप मच गया था। पांच लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए थे। इसमें से राजेंद्र नाम के युवक की अस्पताल में मौत हो गई थी। जांच में पता चला कि मार्च 2010 में डीयू की प्रयोगशाला से ऐसे उपकरणों की नीलामी की गई थी, जिन पर रेडियोएक्टिव पदार्थों का प्रयोग होता था। नीलामी के बाद उन उपकरणों को काट कर अलग किया जा रहा था। इसी दौरान गैस लीक होने से काम में लगे मजदूर विकिरण की चपेट में आ गए। वहां खड़े अजय जैन नाम के व्यक्ति ने उपकरण के छोटे से टुकड़े को अपने पर्स में रख लिया। इसकी वजह से वह भी चपेट में आ गया। फिलहाल सभी सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं। मामले में पुलिस ने डीयू के छह प्रोफेसरों के खिलाफ जांच के बाद मुकदमा भी दर्ज किया था।

9 अक्तूबर 2016

आईजीआई एयरपोर्ट पर भी विकिरण का अलार्म बज गया था

आईजीआई एयरपोर्ट पर रेडियोएक्टिव पदार्थ के विकिरण का अलार्म बज गया। इसके बाद पुलिस, एनएडीआरएफ सहित सारी एजेंसियां हरकत में आ गईं। दरअसल, एयर फ्रांस के विमान से मालिब्डेनम -99 से लदा कंटेनर हवाई अड्डे पर रखा था। इसी से रिसाव होने की खबर पर किसी ने अलार्म बजा दिया। जांच में मालूम हुआ कि गलतफहमी में किसी ने अलार्म बजा दिया था। मौके पर रेडियोएक्टिव पदार्थ के रिसाव का कोई भी प्रमाण नहीं मिला। जिस काउंटर पर कंटेनर को जाना था, गलती से उसकी जगह कहीं और चला गया।

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