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अदालत ने पुलिस को यूनिटेक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने को कहा

एक परिवार को उसके निवेश की दो करोड़ से अधिक रुपये की राशि ना लौटाने के आरोप से जुड़ी शिकायत पर रियल इस्टेट कंपनी यूनिटेक के खिलाफ अदालत ने प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है।

मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट पंकज शर्मा की अदालत ने कहा कि मामले के तथ्यों के अनुरूप कंपनी ने संज्ञेय अपराधों को अंजाम दिया जिसकी पुलिस जांच की जानी चाहिए। अदालत ने कहा कि तथ्यों से संज्ञेय अपराध किए जाने की बात पता चलती है और अदालत का मानना है कि पुलिस द्वारा मौके पर जांच करने की जरूरत है। शिकायत के अनुसार सुनील सरदाना ने अक्तूबर, 2010 में कंपनी में तीन साल के लिए दो सावधि जमा प्रमाणपत्रों (एफडीआर) में 45 लाख रुपये की राशि जमा की थी और 2013 में इसे एक और साल के लिए बढ़ा दिया। शिकायत में कहा गया कि सरदाना के बेटे विकास और सिद्धार्थ ने भी एक साल के लिए एफडीआर में डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की राशि निवेश की।

शिकायत के अनुसार यूनिटेक का एक कर्मचारी कंपनी के प्रबंध निदेशक के निर्देश पर यह कहते हुए उनसे (परिवार से) मूल एफडीआर ले गया कि परिपक्वता की तारीख के 48 घंटे के भीतर उनके बैंक खातों में आरटीजीएस (धन हस्तांतरण की एक प्रणाली) के जरिए परिपक्वता राशि हस्तांतरित कर दी जाएगी, लेकिन पीड़ितों को कोई राशि नहीं दी गयी।

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  • Web Title:court order to police register FIR against unitech