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नाबालिग से बलात्कार के जुर्म में युवक को 10 साल की जेल

एक नाबालिग से दुष्कर्म करने के जुर्म में अदालत ने 26 वर्षीय युवक को दस साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि आरोपी की दलील थी कि बच्ची के परिजन उसे झूठा फंसा रहे हैं परन्तु कोई भी अभिभावक इतना नीचे नहीं गिर सकता कि यह आरोप लगाए कि उनकी बच्ची का यौन उत्पीड़न हुआ है।

कड़कड़डूमा अदालत के एडिशनल सेशन जज संजय शर्मा ने यह टिप्पणी आरोपी की उस दलील को खारिज करते हुए की, जिसमें उसने कहा था कि 10 वर्षीय लड़की की मां ने उससे कुछ रुपये उधार लिए थे। जब उसने रुपये वापस मांगे तो उधार चुकाने की बजाय बच्ची के परिवार ने उसे दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसा दिया। मगर आरोपी अदालत में उधारी की रकम के लेन-देन को लेकर कोई साक्ष्य पेश नहीं कर पाया। इस पर अदालत ने कहा कि चूंकि बचाव पक्ष की ओर से धनराशि देने के बारे में कोई सबूत नहीं दिया गया और न ही उसकी तरफ से यह बताया गया कि कितनी रकम दी गई थी अथवा किस तारीख को उसने बच्ची की मां को रकम उधार दी थी। अदालत ने कहा कि इस दलील पर विश्वास या उसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। साथ ही, अदालत ने कहा कि कोई अभिभावक इतना नीचे नहीं गिर सकता कि वह ऐसे गंभीर आरोप लगाकर अपनी बेटी का नाम खराब करे।

अदालत ने यह भी कहा कि यह साबित हो गया है कि उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर निवासी दोषी सोनू अपनी पड़ोसी नाबालिग लड़की को जून 2014 में अपने कमरे पर ले गया और उसका यौन उत्पीड़न किया। अदालत ने कहा कि उसने पहले भी उसके साथ ऐसा ही कृत्य किया था। अदालत ने बच्ची के बयानों को भी इस मामले में विश्वसनीय माना है।

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  • Web Title:Youth gets 10 years jail for raping minor