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रिश्वत प्रकरण: बयान दर्ज कराने के लिए पेश नहीं हुए पूर्व मंत्री मिश्रा

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ कथित तौर पर रिश्वत लेने और पद के दुरुपयोग करने के मामले में पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा लोकायुक्त में पेश नहीं हुए। बयान दर्ज कराने के लिए मिश्रा को लोकायुक्त में पेश होना था। मिश्रा ने लोकायुक्त में पेश नहीं होने के लिए पत्र भेजकर अपनी तबीयत खराब होने का हवाला दिया।

लोकायुक्त जस्टिस रेवा खेत्रापाल ने पूर्व मंत्री मिश्रा के इस रवैये पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि मिश्रा एक तरफ पत्र भेजकर तबीयत खराब होने हवाला दे रहे हैं और दूसरी तरफ संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे हैं। लोकायक्त ने मौखिक टिप्पणी की कि ‘संवाददाता सम्मेलन में मिश्रा की अवाज से लग रहा है कि वह बीमा नहीं हैं। जस्टिस खेत्रपाल ने पेशी से छूट का अर्जी लेकर लोकायुक्त पहुंचे व्यक्ति से कहा कि वह फोन पर पूर्व मंत्री मिश्रा से बात करे और तुरंत उनके समक्ष पेश होने के लिए कहे। उन्होंने कहा कि मिश्रा के आने का इंतजार किया जाएगा। कुछ देर बार उक्त व्यक्ति ने मिश्रा से फोन पर बात किया। साथ ही लोकायुक्त को बताया कि डॉक्टर ने मिश्रा को आराम की सलाह दी है धूप में घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। उक्त व्यक्ति ने लोकायुक्त को बताया कि मिश्रा ने संवाददाता सम्मेलन भी घर पर ही किया है। साथ ही भरोसा दिलाया कि अगली सुनवाई पर मिश्रा अपना बयान दर्ज कराने के लिए लोकायुक्त में पेश होंगे। इसके बाद लोकायुक्त ने मिश्रा को 25 मई को पेश होने और अपना बयान दर्ज कराने के लिए कहा है। लोकायुक्ता ने मुख्यमंत्री केजरीवाल और स्वास्थ्य मंत्री जैन पर लगे आरोपों की जांच की मांग के मामले में पूर्व मंत्री को समन जारी कर बयान दर्ज कराने के लिए पेश होने को कहा था। जस्टिस खेत्रपाल ने भाजपा लीगल सेल से जुड़े अधिवक्ता नीरज की याचिका पर यह आदेश दिया था। लोकायुक्त ने मिश्रा को यह आदेश इसलिए दिया है क्योंकि याचिकाकर्ता व अधिवक्ता नीरज ने उनके ही बयान को आधार बनाकर केजरीवाल और जैन के खिलाफ जांच की मांग की है। पूर्व मंत्री मिश्रा के बयान होने के बाद ही इस मामले लोकायुक्त तय करेगी कि आप के संयोजक केजरीवाल और वरिष्ठ नेता जैन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाय या नहीं। अधिवक्ता नीरज ने मिश्रा के उन बयानों के हवाले से मुख्यमंत्री व मंत्री पर रिश्वतखोरी और पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया जिसमे उन्होंने कहा था उनके सामने में जैन ने केजरीवाल को 2 करोड़ रुपये रिश्वत दिए। साथ ही मिश्रा ने यह भी आरोप लगाया था जैन ने केजरीवाल के रिश्तेदार को कई एकड़ जमीन का सौदा कराने में मदद करने का आरोप है।

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  • Web Title:Bribery case: Former minister Mishra not appeared before lokayukta for recording his statement