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अनाधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी

राजधानी में सैनिक फार्म सहित तमाम अनाधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के मामले में केंद्र व दिल्ली सरकार द्वारा एक दूसरे के पाले में गेंद फेंके जाने पर शुक्रवार को हाईकोर्ट ने कड़ा एतराज जताया। हाईकोर्ट ने दोनों सरकारों से राजधानी में अनाधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी पेश करने को कहा है।

जस्टिस एस.आर. भट व रेखा पल्ली की पीठ यह मामला एक दशक से लटका है और आप ( केंद्र व दिल्ली) तय नहीं कर पा रहे हैं कि आखिर करना क्या है। पीठ ने केंद्र व दिल्ली सरकार से कहा कि कॉलोनियों को नियमित करना है या नहीं, इस पर आगे बढ़ने और पीछे हटने का खेल खेलने के बजाए कोई ठोस निर्णय ले। पीठ ने कहा कि यह खेल बहुत हो चुका, अब हम इसकी निगरानी नहीं कर सकते। पीठ ने कहा कि हम चाहते हैं मसले पर जो भी सरकारें निर्णय ले। पीठ ने यह आदेश तब दिया जब दिल्ली सरकार की ओर से वरिष्ठ स्थाई अधिवक्ता राहुल मेहरा ने कहा कि उसने अनाधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के अपने फैसले को केंद्र सरकार के पास भेजा है लेकिन एक साल से अधिक वक्त बीत जाने के बाद भी अब तक कोई फैसला नहीं किया गया। दूसरी तरफ केंद्र सरकार से कहा कि इस मसले पर फैसला इसलिए नहीं हो पाया है क्योंकि दिल्ली सरकार से मांगे गए स्पष्टीकरण अब तक प्राप्त नहीं हुए हैं। पीठ ने अब 30 मई तक दोनों सरकारों को हलफनामा दाखिल कर कॉलोनियों को नियमित करने के बारे में उठाए गए कदमों की जानकारी देने को कहा है। हाईकोर्ट ने यह आदेश एक अवैध निर्माण के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका पर दिया है।

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  • Web Title:Asked for the steps taken to regularize unauthorized colonies