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बगैर परमिट के दौड़ रहीं 100 ट्रालियां सीज

- अभियान चला कर 100 ट्रालियों पर कार्रवाई

गाजियाबाद। वरिष्ठ संवाददाता

जिले में बगैर परमिट के ट्रैक्टर ट्रालियां नहीं दौड़ पाएंगी। संभागीय परिवहन विभाग ने ट्रालियों को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। इसके लिए तीन टीम बना दी गई हैं जो अभियान चलाकर कार्रवाई कर रही हैं। अब तक 100 से अधिक ट्रलियों को सीज किया गया है।

जिले में हजार से अधिक टैक्टर ट्रालियां ऐसी हैं जो संभागीय परिवहन कार्यालय में कृषि कार्य के लिए दर्ज हैं, जबकि ये इनका व्यावसायिक इस्तेमाल किया जाता है। चूंकि परिवहन विभाग ज्यादातर बड़े वाहनों के खिलाफ अभियान चलाता है और ट्रालियों की ओर ध्यान नहीं देता है। इस वजह से इनकी ट्रालियां बगैर परमिट के दौड़ती हैं, इनका कोई फिटनेस नहीं होता है। कई बार ये ट्रालियंा हादसे की वजह भी बनती हैं। विभाग ट्रालियों को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। इन कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

परमिट के लिए नियम

0 ट्राली की लंबाई 2.5 मीटर से 4.5 मीटर के मध्य होना चाहिए।

0 गहराई 1 मीटर होनी चाहिए।

0 चौड़ाई 1.5 से 2.5 मीटर होनी चाहिए।

0 ट्राली मेकिंग का वर्कशाप से प्रमाणपत्र होना चाहिए।

0 ट्राली के आगे और पीछे बैक लाइट और रिफलेक्टर होना चाहिए।

0 ट्राली का वजन कंप्यूटराइज्ड धर्मकांटा की रसीद होनी चाहिए।

0 चेचिस नंबर आवंटित होने के बाद बीमा आवश्यक होना चाहिए।

0 कमर्शिलय ट्रैक्टर का टैक्स लदान रहित 525 टन होना चाहिए।

0 टैक्स लदान साहित वजन 242 टन होना चाहिए।

0 ट्राली परमिट फीस 7100 रुपये7

कृषि कार्य के लिए दर्ज ट्रालियों का व्यावसायिक इस्तेमाल करने के खिलाफ अभियान चल रहा है। प्रति ट्राली से 23 हजार रुपये के करीब जुर्माना वसूला जा रहा है। परमिट के लिए आवेदन आने शुरू हो गए हैं।

विश्वजीत प्रताप सिंह

एआरटीओ प्रशासन

शरद पाण्डेय

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  • Web Title:100 trolley races without running permits