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सफाई शुल्क की वसूली का काम आउटसोर्स में

सफाई शुल्क की वसूली में गड़बड़ी शिकायतों के देखते हुए वसूली का काम आने वाले दिनों में आउटसोर्स कर दिया जाएगा। इसके लिए नगर निगम के कवायद कर दी है।

शहर के सभी साठ वार्डों में कूड़ा उठाने के बदले नगर निगम आवासीय व व्यवसायिक भवनों से सफाई शुल्क लेता है। लगातार शिकायत मिल रही है कि मौहल्लों से सफाई शुल्क का पैसा उठने के बाद नगर निगम में पूरा नहीं पहंुच रहा है। साथ ही कुछ इलाकों में रसीद भी नहीं दी जा रही है। जिस कारण निगम की मासिक आय 18 लाख से घटकर 13 लाख पहंुच गई है। मेयर विनोद चमोली भी मान रहे हैं कि मेरे पास भी ऐसी शिकायतें आती रहती है। इसलिए निगम ने तय किया है कि वसूली का काम आउटसोर्स में दे दिया जाएगा। इसके लिए अधिकारियोंक ो तेजी से काम करने के निर्देश दिए हैं।

सुपरवाइजर के खिलाफ होगी कार्रवाई

कूड़ा उठाने के बदले लिए जा रहे सफाई शुल्क में गड़बड़ी की लिखित शिकायत मिलने पर नगर निगम संबंधित क्षेत्र के सुपरवाइजर के खिलाफ कार्रवाई करेगा। मेयर विनोद चमोली ने कहा कि पूर्व में मिली गड़बड़ी के चलते कर्मचारियों पर कार्रवाई के साथ वेतन भी रोके गए थे। अगर फिर से ऐसा समाने आता है तो निश्चित कार्रवाई होगी।

बोर्ड बैठक में मंजूर होगा प्रस्ताव

मेयर विनोद चमोली ने बताया कि सफाई का शुल्क 40 रुपए से 50 रुपए किए जाने का प्रस्ताव अभी बोर्ड बैठक में जाएगा। बोर्ड में मंजूरी के बाद ही नई दर लागू होगी। अभी वर्तमान दर से ही वसूली की जा रही है।

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  • Web Title:To outsource the job of cleaning charged