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जल संस्थान को लेने पड़ेंगे जल निगम के कर्मचारी

पेयजल निगम के खाली बैठे फील्ड कर्मचारियों को जल संस्थान को लेना होगा। लंबे समय से इन कर्मचारियों को लेकर दोनों विभागों के बीच खींचतान की स्थिति है। जल संस्थान अभी तक योजनाओं के हैंडओवर के दौरान कर्मचारियों को लेने को तैयार नहीं है।

जल निगम मौजूदा समय में 1085 फील्ड कर्मचारियों को खाली बैठा कर वेतन दे रहा है। ये सभी फील्ड कर्मचारी जल निगम की योजनाओं में तैनात थे। योजनाएं जल संस्थान को हैंडओवर होने के बाद अब ये कर्मचारी खाली हैं। हर साल करोड़ों रुपये इन कर्मचारियों को वेतन के रूप में भुगतान करना पड़ रहा है।

जल निगम की ओर से कई बार कर्मचारियों को योजनाओं के साथ हैंडओवर किए जाने को लेकर दबाव बनाया गया। पूर्व में कई बार शासन स्तर पर भी बैठकें हुई, लेकिन सभी बैठकें बेनतीजा रही। अब सचिव पेयजल अरविंद सिंह हंयाकी ने ऐसी सभी योजनाओं और कर्मचारियों का ब्यौरा तलब कर लिया गया है।

विभागों पर दोहरा भार

जल निगम फील्ड कर्मचारियों को खाली बैठा कर वेतन दे रहा है। तो जल संस्थान की ओर से जल निगम से हैंडओवर हुई योजनाओं के संचालन को ठेका कर्मचारियों को वेतन का भुगतान करना पड़ रहा है। ऐसे में दोनों विभागों को बेवजह वेतन का भुगतान करना पड़ रहा है।

हरिद्वार में भी विवाद की स्थिति

सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट हरिद्वार में जल निगम की ओर से जल संस्थान को हैंडओवर हुए। इस दौरान कर्मचारियों को शिफ्ट किए जाने लेकर भारी हंगामा हुआ। अभी तक इन कर्मचारियों को लेकर विवाद की स्थिति बनी रहती है।

हड़ताली तेवरों से डर

जल संस्थान को जल निगम के फील्ड कर्मचारियों को लेने से कोई परहेज नहीं है, लेकिन उसे डर उनके हड़ताली तेवरों को लेकर है। जल निगम में आए दिन होने वाली हड़तालों, आंदोलन की स्थिति जल संस्थान में पैदा न हो, इसीलिए फील्ड कर्मचारियों से बचा जा रहा है।

योजनाओं के साथ कर्मचारी क्यों हैंडओवर नहीं हुए है। इसकी पड़ताल की जा रही है। क्यों कर्मचारियों को खाली बैठा कर वेतन दिया जा रहा है। इस अव्यवस्था को दूर किया जाएगा। दोनों विभागों से रिपोर्ट तलब कर ली गई है।

अरविंद सिंह हंयाकी, सचिव पेयजल

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  • Web Title:Jal nigam employee shift in jal sansthan