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छह साल में शुरू नहीं हो पाया बिजली सब स्टेशन

लालढांग, हरिद्वार First Published:19-10-2016 08:15:22 PMLast Updated:19-10-2016 08:20:13 PM

: 2010 से प्रस्तावित गैंडीखाता विद्युत सब स्टेशन का काम अब तक अधूरा: 35 हजार की आबादी को मिलना था लाभ, वन विभाग का पेंच बता रहे अफसरलालढांग हमारे संवाददातालालढांग क्षेत्र को बिजली से संबंधित समस्याओं से निजात दिलाने के लिए गैंडीखाता में 33 केवी सब स्टेशन से सप्लाई की योजना बनी थी। लेकिन पिछले छह साल में योजना परवान नहीं चढ़ पाई है। विभागीय अधिकारी वन विभाग और सिंचाई विभाग से अनुमति नहीं मिलने की बात कहकर पल्ला छाड़ रहे हैं। समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है।लालढांग क्षेत्र के गांवों में बिजली सप्लाई अक्सर बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। आसपास कोई सब स्टेशन न होने से आएदिन बिजली कटौती, ट्रिपिंग जैसी समस्याएं होती हैं। इससे क्षेत्र की करीब 35 हजार की आबादी परेशान है। ग्रामीणों की मांग पर 2010 कुम्भ में गैंडीखाता में करीब सवा करोड़ की लागत से 33 केवी के सब स्टेशन निर्माण का प्रस्ताव हुआ था। जिस पर वर्ष 2012 से निर्माण कार्य शुरू कर भवन तो बना दिया गया। लेकिन आगे 33 केवी की लाइन डालने का कार्य आज तक पूरा नहीं हो सका। स्थानीय ग्रामीणों की बार-बार शिकायत का भी शासन-प्रशासन पर असर होता दिखाई नहीं दे रहा है। स्थानीय ग्रामीण नागेन्द्र राणा, अब्बल सिंह पोखरियाल, सबल सिंह, हुकम रावत, अकरम फारूकी, ऋषिपाल सैनी, अशोक सिंह, नरेश कुमार आदि का कहना है कि उनके क्षेत्र की उपेक्षा की जा रही है। आज तक बिजली घर का काम पूरा नहीं हो सका है। सब स्टेशन बनता तो लोगों की बिजली से जुड़ी आएदिन की समस्या का समाधान होता। अन्य क्षेत्रवासियों ने सब स्टेशन का काम जल्द पूरा करने की मांग की है।विभाग नहीं दे रहे एनओसीलालढांग क्षेत्र का काफी हिस्सा वन क्षेत्र में आता है और यहां कई नहरें हैं। ऐसे में कई कार्य कराने के लिए वन विभाग और सिंचाई विभाग की अनुमति लेनी पड़ती है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सब स्टेशन से बिजली की लाइन डालने के लिए दोनों विभागों से अनुमति नहीं मिल पा रही है। इसी वजह से काम रुका पड़ा है। पावर कॉरपोरेशन के उपखंड अधिकारी नगरीय अमीचंद ने बताया कि परमिशन मिलते ही कार्य पूरा कर लिया जाएगा। उपेक्षा कर रही सरकार: यतीश्वरानन्दहरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से विधायक स्वामी यतीश्वरानंद का आरोप है कि प्रदेश सरकार सरकारी लाइन डालने के लिए भूमि हस्तांतरण नहीं कर रही है। जान बूझकर उनके विधानसभा क्षेत्र की उपेक्षा की जा रही है। विधायक ने चेतावनी दी है कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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