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राहुल के टारगेट से मंत्रियों की उड़ी नींद

देहरादून, रवि बीएस नेगी First Published:19-10-2016 06:35:56 PMLast Updated:19-10-2016 06:40:37 PM

विधानसभा चुनाव फतह करने को कांग्रेस राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के निवास पर मंगलवार को हुए मंथन ने मंत्रियों की नींद उड़ा दी है। राहुल ने साफ कर दिया है कि मंत्री अपनी सीटों पर तो रिकॉर्ड वोटों से जीत दर्ज करें, साथ ही नजदीक की दो सीटों को भी जिताएं। इस फरमान ने उन मंत्रियों को परेशान कर दिया है, जिनकी खुद की सीटें फंसी हुई हैं।

राज्य में कांग्रेस कोटे से अभी इंदिरा हृदयेश, यशपाल आर्य, सुरेंद्र सिंह नेगी, प्रीतम सिंह, दिनेश अग्रवाल, राजेंद्र भंडारी, नवप्रभात कैबिनेट मंत्री हैं। चार कैबिनेट मंत्री पीडीएफ कोटे से हैं, लेकिन राहुल का फार्मूला सिर्फ कांग्रेस के मंत्रियों पर लागू होता है। कांग्रेस के कुछ मंत्रियों को छोड़ दिया जाए, तो अधिकतर की स्थिति ऐसी नहीं है कि वो अपने दम पर तीन सीटों पर जीत दर्ज करा सकें।

कैबिनेट मंत्री इंदिरा हृदयेश को ही अपनी हल्द्वानी सीट के साथ ही कालाढूंगी व लालकुंआ की सीट पर जीत दर्ज करानी होगी। स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी को कोटद्वार के साथ ही यमकेश्वर व लैंसडोन सीट जितानी होंगी। दोनों ही सीटों पर फिलहाल भाजपा का कब्जा है।

वन मंत्री दिनेश अग्रवाल को धर्मपुर के साथ ही रायपुर व कैंट सीट पर भाजपा के अभेद किले को भेदना होगा। परिवहन मंत्री नवप्रभात को अपनी विकासनगर सीट के साथ ही सहसपुर सीट जितानी होगी। तो गृह मंत्री प्रीतम सिंह को चकराता सीट के साथ ही विकासनगर में परिवहन मंत्री को भी जिताना होगा।

राजस्व मंत्री यशपाल आर्य को भी अपनी बाजपुर सीट के साथ ही भाजपा के दुर्ग के रूप में काशीपुर व गदरपुर सीट पर फतह पानी होगी। जो इन सभी मंत्रियों के लिए इतना आसान नहीं है। कई मंत्रियों ने दबी जुबान से इस हकीकत को कबूला भी। एक दिग्गज मंत्री ने कहा भी कि मौजूदा हालात में अपनी सीट निकालने को ऐड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ रहा है।

विधानसभाओं तक सीमित हैं मंत्री

राज्य सरकार के अधिकतर मंत्री अपनी विधानसभाओं के मंत्री की भूमिका तक सीमित रहे हैं। कांग्रेस संगठन के पदाधिकारी व आम कार्यकर्ताओं की भी मंत्रियों से यही शिकायत है कि वे अपनी विधानसभाओं से बाहर नहीं निकल पाते। इसी शिकायत को दूर करने को कांग्रेस संगठन ने हर मंत्री की कांग्रेस भवन में मौजूद रहने की ड्यूटी तय की थी, लेकिन किसी भी मंत्री ने प्रदेश अध्यक्ष के फरमान को कोई तवज्जो नहीं दी।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बेहतर सुझाव दिया है। मंत्रियों के लिए भी खुद को साबित करने का एक बेहतर मौका है। मंत्री के रूप में अपनी विधानसभा के आस पास की सीटों पर भी प्रभाव होना स्वाभाविक है। इसका लाभ पार्टी को चुनाव में दिलाया जाएगा।

सुरेंद्र सिंह नेगी, स्वास्थ्य मंत्री

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Web Title: Cabinet minister disturb from Rahul gandhi task
 
 
 
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