शुक्रवार, 31 अक्टूबर, 2014 | 22:41 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
विद्या प्रकाश ठाकुर ने भी राज्यमंत्री पद की शपथ लीदिलीप कांबले ने ली राज्यमंत्री पद की शपथविष्णु सावरा ने ली मंत्री पद की शपथपंकजा गोपीनाथ मुंडे ने ली मंत्री पद की शपथचंद्रकांत पाटिल ने ली मंत्री पद की शपथप्रकाश मंसूभाई मेहता ने ली मंत्री पद की शपथविनोद तावड़े ने मंत्री पद की शपथ लीसुधीर मुनघंटीवार ने मंत्री पद की शपथ लीएकनाथ खड़से ने मंत्री पद की शपथ लीदेवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली
सहवाग को कभी रास नहीं आयी कोटला की पिच
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:06-01-13 02:55 PM
Image Loading

नजफगढ के नवाब वीरेंद्र सहवाग को पाकिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे मैच के लिये अंतिम एकादश में शामिल नहीं किये जाने से दिल्ली के दर्शक भले ही निराश थे लेकिन हकीकत यह है कि यह विस्फोटक सलामी बल्लेबाज अपने घरेलू मैदान फिरोजशाह कोटला पर कभी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया।

सहवाग ने विश्व कप 2011 में जीत के बाद से 15 वनडे मैचों में केवल 513 रन बनाये हैं। इनमें से 219 रन उन्होंने एक पारी में (वेस्टइंडीज के खिलाफ इंदौर में) में बनाये थे। इस तरह से बाकी 14 मैच में वह केवल 294 रन ही बना पाये।

पाकिस्तान के खिलाफ पिछले दो मैच में दायें हाथ का यह बल्लेबाज केवल 35 रन बना पाया जिसके कारण उन्हें तीसरे मैच की टीम से बाहर कर दिया गया। सहवाग की जगह अंजिक्य रहाणे को अंतिम एकादश में रखा गया।

दर्शकों को हालांकि टीम प्रबंधन का यह फैसला पसंद नहीं आया और इनमें से कुछ वीरू वीरू की आवाज लगाते रहे। लेकिन लगता है कि टीम प्रबंधन ने सहवाग को बाहर करने का फैसला उनके हालिया प्रदर्शन के अलावा कोटला पर उनके रिकार्ड को देखकर भी किया।

सहवाग ने कोटला पर छह वनडे मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 24.00 की औसत से केवल 120 रन बनाये हैं। उनका उच्चतम स्कोर 42 रन है। टेस्ट मैचों में भी सहचाग अपने घरेलू मैदान पर कभी बड़ी पारी नहीं खेल पाये हैं। उन्होंने यहां तीन टेस्ट मैच की पांच पारियों में 201 रन बनाये हैं जिसमें उनका उच्चतम स्कोर 74 रन है।

 
 
 
टिप्पणियाँ