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भारत ने पाक को हराकर जीता पहला टी20 विश्वकप
बेंगलुरू, एजेंसी First Published:14-12-12 03:58 PM
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केतनभाई पटेल की 43 गेंदों में खेली गई 98 रन की धुंआधार पारी की से भारत ने चिर प्रतिद्वंद्वी और खिताब के प्रबल दावेदार पाकिस्तान को गुरूवार को यहां 29 रन से हराकर पहला टी20 दृष्टिहीन क्रिकेट टूर्नामेंट जीत लिया।
 
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए आठ विकेट पर 258 रन बनाए जो कि दृष्टिहीन क्रिकेट के लिहाज से बेहद मामूली स्कोर था। लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने पाकिस्तान के बल्लेबाजों को इस स्कोर तक पहुंचने से पहले ही रोक लिया। पाकिस्तान ने फाइनल से पहले कोई मैच नहीं गंवाया था।
 
पाकिस्तान को खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा था क्योंकि उसने इससे पहले 40 ओवर के तीन विश्वकप टूर्नामेंट में से दो जीते थे। पाकिस्तान ने 2006 में इस्लामाबाद में भारत को हराकर विश्व खिताब जीता था। लेकिन इस बार भारतीय टीम ने घरेलू दर्शकों के समर्थन के दम पर टी20 विश्वकप के पहले संस्करण का खिताब जीत लिया।
 
नौ टीमों के बीच 12 दिन तक चले इस टूर्नामेंट में वह सब कुछ था जो एक आम टी20 टूर्नामेंट मे होता है। दूरदर्शन ने मैचों का सीधा प्रसारण किया जबकि चीयरलीडर्स ने खिलाड़ियों और दर्शकों का मनोरंजन किया। मैच का आंखों देखा हाल सुनाने के लिए रेडियो जॉकी भी स्टेडियम में मौजूद थे जबकि ग्लैमर का तड़का लगाने के लिए स्थानीय कलाकार भी जुटे थे। कुल 4000 दर्शकों ने इस टूर्नामेंट का लुत्फ उठाया।
 
फाइनल ओवर फेंके जाने से पहले ही भारत की जीत पक्की हो चुकी थी और दर्शकों ने इसका जश्न मनाना शुरू कर दिया। वे मैदान के चारों ओर बनाए गए शामियानों से बाहर आ गए और सीमारेखा पर जुट गए। भारत की जीत की आधिकारिक घोषणा होते ही तिरंगे में लिपटे स्कूली बच्चों, व्हीलचेयर पर बैठे शारीरिक रूप से अक्षम लोग और फोटोग्राफर मैदान पर टूट पड़े।
 
स्वयंसेवकों और पुलिस ने उन्हें रोकने की भरपूर कोशिश की लेकिन उनकी एक नहीं चली। फिर क्या था अगले एक घंटे तक मैदान में जीत का जश्न चला। एक दूसरे के ऊपर कोक की बोतलें उडेली गई और जमकर आतिशबाजी हुई। दर्शकों ने भारतीय टीम को कंधों पर उठा लिया और पूरे मैदान का चक्कर लगाया। इस जश्न ने उस क्षण की याद दिला दी जब भारत ने वर्ष 2007 में जोहानसबर्ग में पाकिस्तान को हराकर पहला ट्वंटी-20 विश्वकप जीता था।
 
श्रीलंका के पूर्व कप्तान अर्जुन रणतुंगा और भारत के पूर्व विकेटकीपर सैय्यद किरमानी ने विजेता खिलाड़ियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए। टूर्नामेंट में भारत के लिए शानदार प्रदर्शन करने वाले बल्लेबाज प्रकाश जयरमैया को फूलों की माला पहनाई गई जबकि विजेता कप्तान शेखर नाइक को ट्रॉफी भेंट की गई। साथ ही खिलाड़ियों को चैक भी प्रदान किए गए।

 
 
 
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