शुक्रवार, 19 दिसम्बर, 2014 | 09:27 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
पाकिस्तान में सेना प्रमुख जनरल राहिल शरीफ ने छह आतंकवादियों की मौत की सजा देने संबंधी वारंट पर हस्ताक्षर किए
...जब बच्चे ने हैरान कर दिया था तेंदुलकर को
कोलकाता, एजेंसी First Published:02-12-12 08:59 PMLast Updated:02-12-12 09:09 PM
Image Loading

कहावत है कि नाम में क्या रखा है लेकिन भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के साथ एक ऐसी घटना घटी थी कि इसे निश्चित तौर पर गलत मानने लगे होंगे।

तेंदुलकर ने अपने 23 बरस के कैरियर के दौरान शोएब अख्तर की तूफानी गेंदों के अलावा शेन वार्न की बलखाती गेंदों का बखूबी सामना किया लेकिन 2003-04 में भारत के पाकिस्तान दौरे के दौरान मेजबान टीम के युवा प्रशंसक ने उन्हें सकते में डाल दिया था।

इस दौरे के दौरान तेंदुलकर एक बार शौकत खानूम स्मृति कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र गए और उन्होंने एक बच्चे से मिलने का फैसला किया जिसे उनका बड़ा प्रशंसक बताया गया। तेंदुलकर ने इस बच्चे से पूछा, तुम्हारा नाम क्या है। इस पर उस बच्चे की बहन ने कहा, यह अपने नाम से आपको डरा देगा। तेंदुलकर ने जिज्ञासावश पूछा कि ऐसा क्यों जिस पर उस बच्चे ने कहा, मैं ओसामा हूं। 

यह मैदान के बाहर के उन लम्हों में शामिल हैं जो तेंदुलकर के लिए यादगार हैं। तेंदुलकर ने बंगाली फोटो पत्रकार सुमन चटोपाध्याय की तस्वीरों की किताब के लांच पर यह बात कहीं। तेंदुलकर ने किताब के बारे में कहा कि इसमें मेरे जीत के कुछ यादगार क्षण हैं। इससे चैरिटी के लिए भी पैसा इकट्ठा होगा। उन्होंने कहा कि मेरे पिता मुझसे कहते थे कि जीवन में कुछ भी स्थायी नहीं है लेकिन यह चीज हमेशा याद रहती है। आपका स्वभाव और यह कि आप किस तरह के व्यक्ति हो। सभी आपको इसके लिए याद रखते हैं।
इस कार्यक्रम से तेंदुलकर की चैरिटी फाउंडेशन के लिए 11 लाख रुपये जुटाए गए जबकि तीन लाख रुपये युवराज सिंह की फाउंडेशन को दिए गए।

 
 
 
टिप्पणियाँ
 
क्रिकेट स्कोरबोर्ड