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'व्हीलचेयर पर बिताया समय जिंदगी का सबसे खराब दौर'
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:04-01-13 04:31 PM
करियर के लिये खतरा बनी दो चोटों से उबरने के बाद तेज गेंदबाज एस श्रीसंत ने कहा कि प्रथम श्रेणी क्रिकेट में वापसी से पहले व्हीलचेयर पर बिताया समय उनकी जिंदगी का सबसे खराब दौर था।
श्रीसंत ने 14 महीने बाद वापसी करते हुए हाल ही में केरल के लिये रणजी क्रिकेट खेला। उन्होंने कोच्चि से कहा कि कौन कहता है कि लड़के रोते नहीं। मैं जब उंगलियों के आपरेशन के कारण दो महीने व्हीलचेयर पर था तब बच्चों की तरह रोता था।
उन्होंने कहा कि मुझे लगने लगा था कि मैं कभी क्रिकेट फिर नहीं खेल पाउंगा। मुझे बहुत डर लगता था। वो 14 महीने मेरे करियर का सबसे अंधकारमय दौर था।
श्रीसंत ने कहा कि दो महीने व्हीलचेयर पर बिताने के बाद अगले तीन महीने मैं बैसाखियों के सहारे चलता रहा। बीसीसीआई, केरल क्रिकेट संघ और एनसीए ने मेरा बहुत साथ दिया। जिस समय मैने कहा कि मैं पूरी तरह फिट हूं, केरल क्रिकेट संघ ने मुझे तुरंत टीम में जगह दी।
वह यहां पालम मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ रविवार को भारत ए के लिये खेलेंगे। उन्होंने कहा कि मेरे लिये यह नई शुरूआत है। मैं अब खेल का पूरा मजा लेना चाहता हूं। केरल के लिये खेलूं, भारत ए या फिर भारत के लिये । मैं तनिक भी आराम नहीं करना चाहता।
श्रीसंत ने 14 महीने बाद वापसी करते हुए हाल ही में केरल के लिये रणजी क्रिकेट खेला। उन्होंने कोच्चि से कहा कि कौन कहता है कि लड़के रोते नहीं। मैं जब उंगलियों के आपरेशन के कारण दो महीने व्हीलचेयर पर था तब बच्चों की तरह रोता था।
उन्होंने कहा कि मुझे लगने लगा था कि मैं कभी क्रिकेट फिर नहीं खेल पाउंगा। मुझे बहुत डर लगता था। वो 14 महीने मेरे करियर का सबसे अंधकारमय दौर था।
श्रीसंत ने कहा कि दो महीने व्हीलचेयर पर बिताने के बाद अगले तीन महीने मैं बैसाखियों के सहारे चलता रहा। बीसीसीआई, केरल क्रिकेट संघ और एनसीए ने मेरा बहुत साथ दिया। जिस समय मैने कहा कि मैं पूरी तरह फिट हूं, केरल क्रिकेट संघ ने मुझे तुरंत टीम में जगह दी।
वह यहां पालम मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ रविवार को भारत ए के लिये खेलेंगे। उन्होंने कहा कि मेरे लिये यह नई शुरूआत है। मैं अब खेल का पूरा मजा लेना चाहता हूं। केरल के लिये खेलूं, भारत ए या फिर भारत के लिये । मैं तनिक भी आराम नहीं करना चाहता।
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