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बड़ी स्क्रीन पर दिखाई देगी मैच फिक्सिंग की कहानी
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:06-05-12 05:01 PM
व्यवसायी से अभिनेता बने आसिम खेत्रपाल की खेल प्रबंधन कंपनी 1999 में उस समय बंद हो गई जब उनका नाम मैच फिक्सिंग प्रकरण में धकेला गया और अब वह अपने इस संघर्ष को जल्द ही रिलीज होने वाली फिल्म में दिखाने को तैयार हैं। खेत्रपाल ने कहा कि यह फिल्म खेल से धर्म की ओर उनकी यात्रा को दिखाएगी।
वर्ष 1980 और 1990 के दशक में खेत्रपाल रेडिएंट स्पोटर्स मैनेजमेंट के मालिक रहे लेकिन 1999 के मैच फिक्सिंग प्रकरण का कंपनी पर बुरा असर पड़ा। इस दौरान खेत्रपाल को भारत और इंग्लैंड दोनों जगह जांच का सामना करना पड़ा।
मैच फिक्सिंग विवाद उस समय शुरू हुआ जब इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर क्रिस लुइस ने ब्रिटेन के अखबार में यह सनसनीखेज दावा किया कि खेत्रपाल ने उनसे कहा कि उसने मैच फिक्स करने के लिए इंग्लैंड के तीन खिलाड़ियों से संपर्क किया है। न्यूजीलैंड के तत्कालीन कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग ने भी उन पर मैच फिक्स करने के लिए रिश्वत देने का आरोप लगाया जिसे खेत्रपाल ने सिरे से नकार दिया। तब से दो दशक से अधिक का समय बीत चुका है और खेत्रपाल ने कहा कि स्काटलैंड यार्ड ने जांच के बाद उन्हें क्लीन चिट दे दी है। खेत्रपाल ने कहा कि मैंने फ्लेमिंग से मोहाली में बेनेफिट सीरीज के आयोजन की बात की थी लेकिन उसने गलत समझा और दावा किया कि मैंने उसे रिश्वत देने का प्रयास किया था। उन्होंने कहा कि इसके बाद मेरा जीना मुहाल हो गया। मेरे कार्यालय में छापा पड़ा। समाचार पत्रों के पहले पन्ने पर मेरी खबर छपी कि किस तरह मैं मैच फिक्सिंग में शामिल हूं। कई दिनों तक यह सब चला। उस समय मैंने फिल्म शिरडी साई बाबा बनाई और मेरा जीवन बेहतरी के लिए बदल गया। खेत्रपाल ने कहा कि फिल्म को राष्ट्रीय एकता के लिए प्रेजिडेंट पुरस्कार मिला और मैंने महसूस किया कि मेरा जीवन बदल गया है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें क्लीनचिट मिल गई है। खेत्रपाल ने कहा कि महेश भट्ट की फिल्म जन्नत का पहला हिस्सा असल में मेरी कहानी थी क्योंकि मैच के नतीजे का अंदाजा लगाने के लिए मेरे पास सिक्सथ सेंस था लेकिन मैं कभी मैच फिक्सिंग में शामिल नहीं रहा। मेरे पास फलता फूलता व्यवसाय था और मैं खेल से गहराई से जुड़ा था। यह सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं था। उन्होंने आईसीसी और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष और अब बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष जगमोहन डालमिया के संदर्भ में कहा कि मैं दिन में कई बार जगमोहन डालमिया से बात करता था लेकिन इस प्रकरण के बाद उन्होंने एक बार भी मेरा फोन नहीं उठाया। उन्होंने यहां तक कहा कि मैं आसिम खेत्रपाल को नहीं जानता।
खेत्रपाल की अब एक और फिल्म ओम अल्लाह तैयार है और उन्होंने कहा कि इसमें वह अपनी उस समय ही कहानी बयां करेंगे और बताएंगे कि कैसे इस संघर्ष के बाद उन्होंने धार्मिक राह चुकी। उन्होंने कहा कि यह मेरी कहानी है। यह फिल्म अगले महीने रिलीज हो रही है। इस फिल्म में मैं अपनी भूमिका निभाऊंगा और दर्शकों के सामने अपना पक्ष रखूंगा जिसने मेरी जिंदगी बदल दी। फिल्म के निर्माता खेत्रपाल स्वयं हैं जबकि इसके निर्देशक फैजल सैफ हैं। फिल्म में पाकिस्तानी अभिनेत्री मीरा ने पत्रकार की भूमिका निभाई है जबकि मिलिंद गुणाजी, कविता राधेश्याम, किरण कुमार और उपासना सिंह ने भी इसमें काम किया है।
मैच फिक्सिंग विवाद उस समय शुरू हुआ जब इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर क्रिस लुइस ने ब्रिटेन के अखबार में यह सनसनीखेज दावा किया कि खेत्रपाल ने उनसे कहा कि उसने मैच फिक्स करने के लिए इंग्लैंड के तीन खिलाड़ियों से संपर्क किया है। न्यूजीलैंड के तत्कालीन कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग ने भी उन पर मैच फिक्स करने के लिए रिश्वत देने का आरोप लगाया जिसे खेत्रपाल ने सिरे से नकार दिया। तब से दो दशक से अधिक का समय बीत चुका है और खेत्रपाल ने कहा कि स्काटलैंड यार्ड ने जांच के बाद उन्हें क्लीन चिट दे दी है। खेत्रपाल ने कहा कि मैंने फ्लेमिंग से मोहाली में बेनेफिट सीरीज के आयोजन की बात की थी लेकिन उसने गलत समझा और दावा किया कि मैंने उसे रिश्वत देने का प्रयास किया था। उन्होंने कहा कि इसके बाद मेरा जीना मुहाल हो गया। मेरे कार्यालय में छापा पड़ा। समाचार पत्रों के पहले पन्ने पर मेरी खबर छपी कि किस तरह मैं मैच फिक्सिंग में शामिल हूं। कई दिनों तक यह सब चला। उस समय मैंने फिल्म शिरडी साई बाबा बनाई और मेरा जीवन बेहतरी के लिए बदल गया। खेत्रपाल ने कहा कि फिल्म को राष्ट्रीय एकता के लिए प्रेजिडेंट पुरस्कार मिला और मैंने महसूस किया कि मेरा जीवन बदल गया है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें क्लीनचिट मिल गई है। खेत्रपाल ने कहा कि महेश भट्ट की फिल्म जन्नत का पहला हिस्सा असल में मेरी कहानी थी क्योंकि मैच के नतीजे का अंदाजा लगाने के लिए मेरे पास सिक्सथ सेंस था लेकिन मैं कभी मैच फिक्सिंग में शामिल नहीं रहा। मेरे पास फलता फूलता व्यवसाय था और मैं खेल से गहराई से जुड़ा था। यह सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं था। उन्होंने आईसीसी और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष और अब बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष जगमोहन डालमिया के संदर्भ में कहा कि मैं दिन में कई बार जगमोहन डालमिया से बात करता था लेकिन इस प्रकरण के बाद उन्होंने एक बार भी मेरा फोन नहीं उठाया। उन्होंने यहां तक कहा कि मैं आसिम खेत्रपाल को नहीं जानता।
खेत्रपाल की अब एक और फिल्म ओम अल्लाह तैयार है और उन्होंने कहा कि इसमें वह अपनी उस समय ही कहानी बयां करेंगे और बताएंगे कि कैसे इस संघर्ष के बाद उन्होंने धार्मिक राह चुकी। उन्होंने कहा कि यह मेरी कहानी है। यह फिल्म अगले महीने रिलीज हो रही है। इस फिल्म में मैं अपनी भूमिका निभाऊंगा और दर्शकों के सामने अपना पक्ष रखूंगा जिसने मेरी जिंदगी बदल दी। फिल्म के निर्माता खेत्रपाल स्वयं हैं जबकि इसके निर्देशक फैजल सैफ हैं। फिल्म में पाकिस्तानी अभिनेत्री मीरा ने पत्रकार की भूमिका निभाई है जबकि मिलिंद गुणाजी, कविता राधेश्याम, किरण कुमार और उपासना सिंह ने भी इसमें काम किया है।
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