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'गांगुली ने विदेशी कोच बुलाकर गलत किया'
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:05-01-2013 12:48:46 PMLast Updated:05-01-2013 01:51:08 PM
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विश्व कप विजेता कपिल देव विदेशी कोच रखने के सख्त खिलाफ हैं और उनका मानना है कि पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली ने विदेशी कोच बुलाकर ठीक नहीं किया था।
 
कपिल ने पूर्व पाकिस्तानी कप्तान और ऑलराउंडर वसीम अकरम के साथ शुक्रवार रात सीएट रेटिंग क्रिकेट अवॉर्ड्स समारोह के दौरान एक परिचर्चा के दौरान यह बात कही। अकरम ने भी कपिल के सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि विदेशी कोच रखने की कोई जरूरत नहीं है।
 
टीम इंडिया के कोच डंकन फ्लेचर के तहत लगातार खराब प्रदर्शन से खासे नाराज दिखाई दे रहे कपिल ने कहा कि कोच शब्द अमेरिकन है और कोच रखना एक फैशन बन गया है। टीम को कोच रखने की कोई जरूरत नहीं है। आप एक ऐसा मैनेजर रख सकते हैं जो खिलाड़ियों को समझ सके। गांगुली ने ठीक नहीं किया था विदेशी कोच बुलाकर।

भारत में विदेशी कोच लाने का श्रेय गांगुली को जाता था। हालांकि ऑस्ट्रेलियाई कोच ग्रेग चैपल को लाने की पुरजोर वकालत करने वाले गांगुली की कप्तानी भी चैपल के चक्कर में ही गई थी। मौजूदा भारतीय कोच फ्लेचर का कार्यकाल कुछ समय बाद समाप्त होने जा रहा है और भारतीय बोर्ड उन्हें एक्सटेंशन देने के मूड में नहीं है। दिचचस्प है कि गांगुली का नाम अगले भारतीय कोच के लिए जोर शोर से उछाला जा रहा है।

कपिल ने कहा कि आपको यह बात समझ लेनी चाहिए कि कोच चाहे फ्लेचर हो डेव व्हॉटमोर वे उपमहाद्वीप में सारी चीजों को नहीं जानते। इसलिए वे खिलाड़ियों को क्या समझा जाएंगे। संवाद की समस्या सबसे बड़ी है। दूर दराज के क्षेत्रों से आने वाला युवा क्रिकेटर अपनी बात कैसे कोच को समझा पाएगा।
 
अकरम ने कहा कि मैं कपिल से सहमत हूं। बाहर का कोच हमारे खिलाड़ियों को क्या सिखा पाएगा। हमारे खिलाड़ी तो बस सिर हिलाते रहते हैं चाहे समझ में आया हो या नहीं। समारोह में भारत पाकिस्तान विशेष पुरस्कार के तहत कपिल को सर्वश्रेष्ठ टेस्ट और अकरम को सर्वश्रेष्ठ वनडे गेंदबाज का अवॉर्ड दिया गया।
 
पूर्व भारतीय ऑलराउंडर कपिल ने कहा कि मेरे कोच तो वो क्रिकेटर थे जो मेरे साथ खेले थे। आपके टीम साथी ही बता सकते हैं कि आप कहां गलती कर रहे हो। कोई कोच यह सब नहीं बता सकता। भारतीय टीम के मौजूदा प्रदर्शन पर बरसते हुए कपिल ने कहा कि दरअसल खिलाड़ी फोकस भूल गए हैं और व्यक्तिगत ज्यादा हो गए हैं। खिलाड़ी के निजी डॉक्टर हैं फिजियो हैं ट्रेनर हैं लेकिन टीम भावना नदारत हो गई है। आपको जीतने के लिए एक टीम के रूप में खेलना होगा लेकिन ऐसा नजर नहीं आता है।

कपिल ने तेज गेंदबाजों को मजदूर और बल्लेबाजों को अफसर कहने की अपनी बात को फिर दोहराते हुए कहा कि इस देश में सभी सचिन गावस्कर और द्रविड़ बनना लेकिन कोई ज़हीर नहीं बनना चाहता जबकि पाकिस्तान में युवा इमरान वकार और अकरम जैसा बनना चाहते और यही कारण है कि भारत के मुकाबले पाकिस्तान में ज्यादा बेहतर गेंदबाज सामने निकल कर आ रहे है।
 
अकरम ने कड़ी मेहनत की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि मैं किसी भी टेस्ट या वनडे मैच में उतरने से पहले दो दिन नेट करता था। आपके पास प्रतिभा है तो वह कुछ समय चल सकती है लेकिन लम्बी दौड़ के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।
 
पूर्व पाकिस्तानी कप्तान ने अपने देश की टीम के प्रदर्शन पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि नए पीसीबी चैयरमैन के कारण पाकिस्तानी क्रिकेट ऊंचाई पर जा रही है। दूसरा कप्तान हफीज तैयार हो रहा है जबकि पहले ऐसा नहीं होता था। किसी को पता ही नहीं होता था कि अगला कप्तान कौन होगा।
 
समारोह में भारत के पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर यशपाल शर्मा और मदनलाल तथा पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर जहीर अब्बासव सईद अनवर और इंजमाम उल हक भी मौजूद थे।

 
 
 
 
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