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दिल्ली से राजस्थान के लिए निपटना नहीं होगा आसान
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:28-04-12 03:32 PM
आईपीएल पांच की चोटी की टीम रविवार को एक बार फिर से अपनी दबंगई साबित करने उतरेगी तो उसके सामने होगी पूर्व विजेता राजस्थान रॉयल्स जिसके लिए दिल्ली के डेयर को कम करने की कडी चुनौती होगी।
दिल्ली डेयरडेविल्स ने लीग में इस बार अपने प्रदर्शन से जैसी धाक जमा ली है बाकी टीमों के लिए उससे डरना स्वभाविक लगता है। लेकिन अपने पिछले मुकाबले में मुंबई इंडियन्स को दिल्ली ने जिस तरह शिकस्त दी है उससे तो साफ है कि अब दिल्ली के तूफान को रोक पाना किसी के लिए भी आसान नहीं है।
दिल्ली डेयरडेविल्स ने लीग में अपने आठ मुकाबलों में से अब तक छह में जीत का स्वाद चखा है और इससे अंकतालिका में 12 अंक हासिल करके वह चोटी पर बैठी हैं। दूसरी ओर लीग की सबसे पहली विजेता टीम राजस्थान ने अपने आठ मुकाबलों में से चार में जीत दर्ज की है और इतने ही गंवाए भी है। अंकतालिका में राजस्थान इस समय आठ अंकों के साथ पांचवें स्थान पर है।
राजस्थान रॉयल्स को बेशक कमजोर टीम आंका नहीं जा सकता है लेकिन वर्तमान में लीग की सबसे मजबूत टीम दिल्ली डेयरडेविल्स के आगे किसी अन्य टीम का टिकना भी कोई आसान काम नहीं है। पिछले सत्रों में फिसड्डी साबित हुई दिल्ली ने इस बार अपने प्रदर्शन से सभी को चौंकाया है।
मुंबई के साथ शुक्रवार को अपने घरेलू मैदान पर खेले गए मुकाबले में दिल्ली ने लीग में अब तक का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर बनाकर साबित कर दिया की उसके बल्लेबाजों को रोकना किसी भी टीम के गेंदबाजों के लिए टेढ़ी खीर है। दिल्ली ने इस मुकाबले में जिस तरह से मुंबई के गेंदबाजों को पीटा है वह किसी के लिए भुलाना मुश्किल है।
दिल्ली का बल्लेबाजी क्रम से लेकर उसका गेंदबाजी क्रम पूरी तरह से मजबूत और फॉर्म में है। क्रीज पर टिकने के बाद वैसे भी दिल्ली के कप्तान वीरेंद्र सहवाग को पवेलियन भेजना मुश्किल हो जाता है तो उसी तरह उनके रनों के तूफान को रोकना भी आसान नहीं होता है।
सहवाग की ही तरह श्रीलंकाई ओपनर माहेला जयवर्धने भी इस वक्त ओपनिंग क्रम में काफी सहज महसूस कर रहे हैं और उनके अनुसार तो शुरूआत में बल्लेबाजी क रने के लिए आने से उनके पास बड़ी पारियां खेलने का सुनहरा मौका है। पिछले मुकाबले में माहेला की 55 रन की मजबूत पारी को देखकर कहा जा सकता है कि वह पहले ही गेंदबाजों के छक्के छुड़ाने के इरादे से ही मैदान पर उतरते हैं।
इसके अलावा केविन पीटरसन और मध्यक्रम के बल्लेबाज रॉस टेलर भी दिल्ली के मजबूत बल्लेबाजी क्रम का अहम हिस्सा हैं। दूसरी ओर बात की जाए गेंदबाजी क्रम की तो दिल्ली की टीम के पास इस क्षेत्र में अच्छे खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है।
दिल्ली के पास इरफान पठान, शाहबाज नदीम, मोर्न मोर्कल, उमेश यादव और अजित आगरकर के रूप में भरोसेमंद गेंदबाज हैं जो विपक्षी टीम के बल्लेबाजों का क्रीज पर टिकना नामुमकिन कर देते हैं।
दूसरी ओर राजस्थान रॉयल्स भी इस समय कप्तान राहुल द्रविड, के नेतृत्व में संतुलित दिखाई दे रही है। हालांकि पिछले मुकाबलों में टीम का प्रदर्शन काफी निराशजनक रहा है। लेकिन राजस्थान से किसी भी मैच में उलटफेर की उम्मीद की जा सकती है।
राजस्थान ने अपना पिछला मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर से 46 रनों के काफी बड़े अंतराल से हारा था। ऐसे में टीम के बल्लेबाजों की क्षमता पर सवाल खड़े हो जाते हैं। इस मुकाबले में रॉयल्स बेंगलोर का 190 का लक्ष्य पार नहीं कर पाए थे और धाराशाही हो गए थे। ऐसे में अगर मुंबई की ही तरह राजस्थान के सामने भी दिल्ली ने लक्ष्य 200 के पार पहुंचा दिया तो टीम का लड़खड़ाना तय है।
हालांकि टीम का बल्लेबाजी क्रम राहुल द्रविड, युवा बल्लेबाज अंजिक्या रहाणे, औवेस शाह और स्टुअर्ट बिन्नी के रूप में मजबूत है। पिछले मुकाबलों में जिस तरह से रहाणे का प्रदर्शन रहा है उनके लिए बड़े स्कोर का पीछा करना या विपक्षी टीम के सामने बड़ा स्कोर बनाना नामुमकिन भी नहीं है।
इसके अलावा टीम के गेंदबाजी क्रम की बात की जाए तो यह संतुलित तो है लेकिन बहुत मजबूत नही हैं। टीम में पंकज सिंह, ब्रैड हॉज और सिद्धार्थ त्रिवेदी ने पिछले मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन किया था लेकिन फिर भी दिल्ली जैसी टीम का सामना करने के लिए टीम को अपने गेंदबाजी क्रम में काफी मजबूती लानी होगी।
ऐसे में अगर यह माना जाए कि दिल्ली में एक बार फिर से रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा तो गलत नहीं होगा। लेकिन इस बार राजस्थान के लिए दिल्ली के दबंगों की चुनौती को स्वीकार करना और उसका कड़ा जवाब देना अपने आप में चुनौती है।
दिल्ली डेयरडेविल्स ने लीग में इस बार अपने प्रदर्शन से जैसी धाक जमा ली है बाकी टीमों के लिए उससे डरना स्वभाविक लगता है। लेकिन अपने पिछले मुकाबले में मुंबई इंडियन्स को दिल्ली ने जिस तरह शिकस्त दी है उससे तो साफ है कि अब दिल्ली के तूफान को रोक पाना किसी के लिए भी आसान नहीं है।
दिल्ली डेयरडेविल्स ने लीग में अपने आठ मुकाबलों में से अब तक छह में जीत का स्वाद चखा है और इससे अंकतालिका में 12 अंक हासिल करके वह चोटी पर बैठी हैं। दूसरी ओर लीग की सबसे पहली विजेता टीम राजस्थान ने अपने आठ मुकाबलों में से चार में जीत दर्ज की है और इतने ही गंवाए भी है। अंकतालिका में राजस्थान इस समय आठ अंकों के साथ पांचवें स्थान पर है।
राजस्थान रॉयल्स को बेशक कमजोर टीम आंका नहीं जा सकता है लेकिन वर्तमान में लीग की सबसे मजबूत टीम दिल्ली डेयरडेविल्स के आगे किसी अन्य टीम का टिकना भी कोई आसान काम नहीं है। पिछले सत्रों में फिसड्डी साबित हुई दिल्ली ने इस बार अपने प्रदर्शन से सभी को चौंकाया है।
मुंबई के साथ शुक्रवार को अपने घरेलू मैदान पर खेले गए मुकाबले में दिल्ली ने लीग में अब तक का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर बनाकर साबित कर दिया की उसके बल्लेबाजों को रोकना किसी भी टीम के गेंदबाजों के लिए टेढ़ी खीर है। दिल्ली ने इस मुकाबले में जिस तरह से मुंबई के गेंदबाजों को पीटा है वह किसी के लिए भुलाना मुश्किल है।
सहवाग की ही तरह श्रीलंकाई ओपनर माहेला जयवर्धने भी इस वक्त ओपनिंग क्रम में काफी सहज महसूस कर रहे हैं और उनके अनुसार तो शुरूआत में बल्लेबाजी क रने के लिए आने से उनके पास बड़ी पारियां खेलने का सुनहरा मौका है। पिछले मुकाबले में माहेला की 55 रन की मजबूत पारी को देखकर कहा जा सकता है कि वह पहले ही गेंदबाजों के छक्के छुड़ाने के इरादे से ही मैदान पर उतरते हैं।
इसके अलावा केविन पीटरसन और मध्यक्रम के बल्लेबाज रॉस टेलर भी दिल्ली के मजबूत बल्लेबाजी क्रम का अहम हिस्सा हैं। दूसरी ओर बात की जाए गेंदबाजी क्रम की तो दिल्ली की टीम के पास इस क्षेत्र में अच्छे खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है।
दिल्ली के पास इरफान पठान, शाहबाज नदीम, मोर्न मोर्कल, उमेश यादव और अजित आगरकर के रूप में भरोसेमंद गेंदबाज हैं जो विपक्षी टीम के बल्लेबाजों का क्रीज पर टिकना नामुमकिन कर देते हैं।
दूसरी ओर राजस्थान रॉयल्स भी इस समय कप्तान राहुल द्रविड, के नेतृत्व में संतुलित दिखाई दे रही है। हालांकि पिछले मुकाबलों में टीम का प्रदर्शन काफी निराशजनक रहा है। लेकिन राजस्थान से किसी भी मैच में उलटफेर की उम्मीद की जा सकती है।
राजस्थान ने अपना पिछला मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर से 46 रनों के काफी बड़े अंतराल से हारा था। ऐसे में टीम के बल्लेबाजों की क्षमता पर सवाल खड़े हो जाते हैं। इस मुकाबले में रॉयल्स बेंगलोर का 190 का लक्ष्य पार नहीं कर पाए थे और धाराशाही हो गए थे। ऐसे में अगर मुंबई की ही तरह राजस्थान के सामने भी दिल्ली ने लक्ष्य 200 के पार पहुंचा दिया तो टीम का लड़खड़ाना तय है।
हालांकि टीम का बल्लेबाजी क्रम राहुल द्रविड, युवा बल्लेबाज अंजिक्या रहाणे, औवेस शाह और स्टुअर्ट बिन्नी के रूप में मजबूत है। पिछले मुकाबलों में जिस तरह से रहाणे का प्रदर्शन रहा है उनके लिए बड़े स्कोर का पीछा करना या विपक्षी टीम के सामने बड़ा स्कोर बनाना नामुमकिन भी नहीं है।
इसके अलावा टीम के गेंदबाजी क्रम की बात की जाए तो यह संतुलित तो है लेकिन बहुत मजबूत नही हैं। टीम में पंकज सिंह, ब्रैड हॉज और सिद्धार्थ त्रिवेदी ने पिछले मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन किया था लेकिन फिर भी दिल्ली जैसी टीम का सामना करने के लिए टीम को अपने गेंदबाजी क्रम में काफी मजबूती लानी होगी।
ऐसे में अगर यह माना जाए कि दिल्ली में एक बार फिर से रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा तो गलत नहीं होगा। लेकिन इस बार राजस्थान के लिए दिल्ली के दबंगों की चुनौती को स्वीकार करना और उसका कड़ा जवाब देना अपने आप में चुनौती है।
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