गुरुवार, 23 अक्टूबर, 2014 | 13:29 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
बल्लेबाजों और पेसरों के कारण हारेः धौनी
नागपुर, एजेंसी First Published:17-12-12 06:29 PM
Image Loading

भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने सोमवार को चौथा और अंतिम टेस्ट ड्रा होने के बाद इंग्लैंड के हाथों सीरीज में 1-2 की शिकस्त के लिए बल्लेबाजों और तेज गेंदबाजों को जिम्मेदार ठहराया।

धौनी ने मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान कहा कि मुझे लगता है कि हमें बल्लेबाजी और तेज गेंदबाजी में जूझना पड़ा लेकिन हमारे स्पिनरों ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन किया। दोनों टीमों के बीच का अंतर जेम्स एंडरसन रहे जिन्होंने चारों मैच में काफी अच्छी गेंदबाजी की। उन्होंने कहा कि अधिक तेज गेंदबाज औसत नजर आए लेकिन उसने कई बार बल्लेबाजों की परीक्षा ली। मुझे लगता है कि उसे श्रेय जाता है। इस तरह के विकेट पर तेज गेंदबाजों के लिए काफी मदद नहीं थी। लेकिन इसके अलावा मुझे लगता है कि बल्लेबाजों को जिम्मेदारी लेनी होगी कि वे काफी रन नहीं बना पाए। इंग्लैंड ने इसके साथ ही 28 बरस बाद भारतीय सरजमीं पर टेस्ट सीरीज जीती।

धौनी यह बताने में विफल रहे कि आखिर क्यों ड्रेसिंग रूम में बनाई रणनीति मैदान पर कारगर साबित नहीं हुई और इंग्लैंड ने अहमदाबाद में पहले टेस्ट में नौ विकेट की शिकस्त के बाद वापसी करते हुए सीरीज जीत ली। भारतीय कप्तान ने कहा कि अगर आप ऐसे विकेटों पर खेल रहे हैं जो पहले दिन से टर्न करते हैं तो आपको अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा क्योंकि अगर आप एक या दो गलती करते हैं तो दबाव में आ सकते हैं।

धौनी ने कहा कि मुझे लगता है कि वे (इंग्लैंड) दबाव से अच्छी तरह निपटे। उन्होंने मुंबई में अच्छी बल्लेबाजी की और केविन पीटरसन ने अच्छी पारी खेली। इसलिए मुझे लगता है कि इस तरह से सत्र काफी मायने रखते हैं। दो सत्र या चार घंटे का खेल बड़ा अंतर पैदा कर सकता है और सीरीज में यही हुआ। इंग्लैंड ने नागपुर टेस्ट के पहले दिन 139 रन पर पांच विकेट गंवा दिए थे लेकिन टीम 300 से अधिक रन बनाने में सफल रही।

धौनी ने विकेट के बारे में कहा कि जब मैच आगे बढ़ा तो हमें लगा कि पिच में तेज गेंदबाजों या स्पिनरों के लिए कुछ नहीं है। रन बनाना मुश्किल था लेकिन अगर आप रक्षात्मक होकर खेलने लगे तो विकेट हासिल करना भी मुश्किल था। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि तीसरे या चौथे दिन की शाम को विकेट स्पिनरों के लिए अच्छी थी लेकिन पांचवें दिन विकेट बेहतर हो गई और गेंद बल्ले पर आने लगी जिससे रन बनाना आसान हो गया।

धौनी ने इस दौरान सीरीज से मिले कुछ सकारात्मक पक्ष भी गिनाए। उन्होंने कहा कि हमने कुछ संयोजन आजमाए जो सफल रहे। हम पिछले कुछ समय से चार गेंदबाजों (दो तेज गेंदबाज और दो स्पिनरों) के साथ खेल रहे थे लेकिन हमने देखा कि हमारे पास कुछ कामचलाऊ गेंदबाज हैं जो जरूरत पड़ने पर 15 से 16 ओवर फेंक सकते हैं, हमने यह पक्ष अनदेखा कर दिया था। इसका मतलब हुआ कि हमें रविंद्र जडेजा जैसे खिलाड़ी को टीम में लाना होगा।

 
 
 
 
टिप्पणियाँ