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पिच विवाद से उबरकर वापसी करने उतरेगी टीम इंडिया
कोलकाता, एजेंसी
First Published:04-12-12 03:38 PM
चार टेस्ट मैचों की सीरीज़ 1-1 से बराबर होने के बाद भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ बुधवार से शुरू हो रहे तीसरे क्रिकेट टेस्ट के जरिये वापसी की कोशिश करेगी।
मुंबई में टर्निंग विकेट पर दूसरा टेस्ट गंवाने के बाद ईडन गार्डन पर होने वाले मैच की पिच को लेकर विवाद पैदा हो गया था। कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने टर्निंग विकेट बनाने की हिमायत की जिससे स्थानीय क्यूरेटर प्रबीर मुखर्जी ने उसे अनैतिक और अनुचित बताया था।
मामले को सुलझाने के लिये बीसीसीआई ने पूर्वी क्षेत्र के क्यूरेटर आशीष भौमिक को मुखर्जी की मदद के लिये भेजा। पिच को लेकर विवाद इतना सुर्खियों में रहा कि यह देखना होगा कि क्या मेजबान टीम उसे भुलाकर खेल पर फोकस कर सकेगी।
भारत ने 1984-85 के बाद से किसी सीरीज़ में इंग्लैंड के हाथों पराजय नहीं झेली है। उस समय डेविड गावर की टीम ने 2-1 से जीत दर्ज की थी लेकिन पिछले एक साल में टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया का प्रदर्शन काफी खराब रहा है। वे नंबर वन से खिसककर रैंकिंग में पांचवें स्थान पर आ गए।
इस मैच में जहां भारत की प्रतिष्ठा दाव पर होगी, वहीं इंग्लैंड भी साबित करना चाहेगा कि वह स्पिन को बखूबी खेलकर भारत में भी जीत दर्ज कर सकता है। दो टेस्ट में दो शतक जमाने वाले कप्तान एलेस्टेयर कुक के बेहतरीन प्रदर्शन और केविन पीटरसन के उम्दा खेल के दम पर इंग्लैंड ने भारत को वानखेड़े स्टेडियम पर 10 विकेट से हराया था। अहमदाबाद में पहला टेस्ट भारत ने जीता था।
मुंबई में भारत के त्रिकोणीय स्पिन आक्रमण से भी अपेक्षित नतीजे नहीं मिल सके। बल्लेबाजी में चेतेश्वर पुजारा को छोड़कर सभी नाकाम रहे।
वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर की सलामी जोड़ी का खराब फॉर्म बदस्तूर जारी रहा। वहीं पिछली दस पारियों में सिर्फ 153 रन बनाने वाले सचिन तेंदुलकर फिर फ्लॉप रहे। उन्होंने हालांकि यहां नेट पर घंटों अभ्यास किया है जिससे अच्छी पारी की उम्मीद बंधती है।
विराट कोहली भी इस सीरीज़ में अभी तक नहीं चले हैं। इस पूरे साल अच्छे प्रदर्शन के बावजूद पिछली चार पारियों में वह कोई कमाल नहीं कर सके। भारत की गेंदबाजी भी पिछले दो टेस्ट में धारदार नहीं रही। हरभजन सिंह की अगुवाई में स्पिनर नाकाम रहे। इंग्लैंड के ग्रेम स्वान और मोंटी पनेसर ने प्रभावित किया लेकिन भारत के आर अश्विन और प्रज्ञान ओझा बेनूर साबित हुए।
तेज गेंदबाज जहीर खान मैच फिटनेस हासिल करने के लिये जूझ रहे हैं। उन्हें ना तो विकेट मिला और ना ही रिवर्स स्विंग। सौ टेस्ट खेलने से एक मैच दूर हरभजन ईडन गार्डन पर काफी कामयाब रहे हैं। यहां उन्होंने सात टेस्ट में 21.76 की औसत से 46 विकेट लिये हैं जिसमें छह बार एक पारी के पांच से अधिक विकेट चटकाये हैं।
हरभजन को फ्लू हो गया है और उनका खेलना तय नहीं लग रहा। ऐसे में धौनी के लिये गेंदबाजी संयोजन चुनना कठिन होगा क्योंकि वानखेड़े पर तीन स्पिनर और एक तेज गेंदबाज चुनने के लिये उनकी काफी आलोचना हुई थी। स्पिन गेंदबाजी के सामने इंग्लिश बल्लेबाजों की कमजोरी को भुनाने के लिये ओझा को शामिल किया जा सकता है जबकि अश्विन का खेलना तय है। स्थानीय तेज गेंदबाज अशोक डिंडा को टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण की उम्मीद है लेकिन जहीर और ईशांत शर्मा के रहते उन्हें मौका मिलना मुश्किल लग रहा है।
ईडन गार्डन पर भारत ने पिछले तीन टेस्ट में 600 से अधिक रन बनाये हैं। इनमें से दो जीते और एक हारा है। भारत को आखिरी बार यहां पराजय 1998-99 में एशियाई टेस्ट चैम्पियनशिप में पाकिस्तान के हाथों झेलनी पड़ी थी।
शुरू में तेज गेंदबाजों और बाद में स्पिनरों की मदद करने वाले इस विकेट पर एक पखवाड़े पहले बंगाल और गुजरात के बीच रणजी मैच खेला गया था। गुजरात ने मैच ड्रॉ कराया जब उसके आठवें और नौवे नंबर के बल्लेबाजों ने आखिरी दिन शतकीय साझेदारी की।
इंग्लैंड की टीम में तेज गेंदबाज स्टीव फिन को शामिल किया जा सकता है जो जांघ की चोट से उबर चुके हैं। फिन ने पिछले सप्ताह डी वाय पाटिल अकैडमी एकादश के खिलाफ इंग्लैंड परफॉर्मेंस प्रोग्राम की जीत में 16 ओवर में 50 रन देकर चार विकेट लिये थे। उनके खेलने पर स्टुअर्ट ब्रॉड को बाहर किया जा सकता है। भारत में 2001 में आखिरी मोर्चा फतेह करने के इरादे से आई ऑस्ट्रेलियाई टीम को कोलकाता में करारा झटका लगा था जब वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ की मैराथन पारियों के दम पर भारत ने सीरीज़ में बराबरी की। इसके बाद चेपाक पर अगला टेस्ट जीतकर सीरीज़ अपने नाम की थी।
क्रिकेट के इतिहास के पन्नों में शुमार उस जीत से धौनी की टीम को प्रेरणा लेनी चाहिये।
टीमें :
भारत : महेंद्र सिंह धौनी (कप्तान), वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, चेतेश्वर पुजारा, सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, युवराज सिंह, अजिंक्य रहाणे, आर अश्विन, प्रज्ञान ओझा, हरभजन सिंह, जहीर खान, ईशांत शर्मा, मुरली विजय, अशोक डिंडा। इंग्लैंड : एलेस्टेयर कुक (कप्तान), निक कॉम्पटन, जो रूट, जोनाथन ट्रॉट, केविन पीटरसन, इयान बेल, ईयोन मोर्गन, मैट प्रायर, जॉनी बेयरस्टा, समित पटेल, ग्रेम स्वान, मोंटी पनेसर, जेम्स एंडरसन, टिम ब्रेसनन, स्टुअर्ट ब्रॉड, स्टीवन फिन, ग्राहम ओनियंस, स्टुअर्ट मीकर, जेम्स ट्रेडवेल।
मैच का समय : सुबह नौ बजे से।
मुंबई में टर्निंग विकेट पर दूसरा टेस्ट गंवाने के बाद ईडन गार्डन पर होने वाले मैच की पिच को लेकर विवाद पैदा हो गया था। कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने टर्निंग विकेट बनाने की हिमायत की जिससे स्थानीय क्यूरेटर प्रबीर मुखर्जी ने उसे अनैतिक और अनुचित बताया था।
मामले को सुलझाने के लिये बीसीसीआई ने पूर्वी क्षेत्र के क्यूरेटर आशीष भौमिक को मुखर्जी की मदद के लिये भेजा। पिच को लेकर विवाद इतना सुर्खियों में रहा कि यह देखना होगा कि क्या मेजबान टीम उसे भुलाकर खेल पर फोकस कर सकेगी।
भारत ने 1984-85 के बाद से किसी सीरीज़ में इंग्लैंड के हाथों पराजय नहीं झेली है। उस समय डेविड गावर की टीम ने 2-1 से जीत दर्ज की थी लेकिन पिछले एक साल में टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया का प्रदर्शन काफी खराब रहा है। वे नंबर वन से खिसककर रैंकिंग में पांचवें स्थान पर आ गए।
इस मैच में जहां भारत की प्रतिष्ठा दाव पर होगी, वहीं इंग्लैंड भी साबित करना चाहेगा कि वह स्पिन को बखूबी खेलकर भारत में भी जीत दर्ज कर सकता है। दो टेस्ट में दो शतक जमाने वाले कप्तान एलेस्टेयर कुक के बेहतरीन प्रदर्शन और केविन पीटरसन के उम्दा खेल के दम पर इंग्लैंड ने भारत को वानखेड़े स्टेडियम पर 10 विकेट से हराया था। अहमदाबाद में पहला टेस्ट भारत ने जीता था।
वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर की सलामी जोड़ी का खराब फॉर्म बदस्तूर जारी रहा। वहीं पिछली दस पारियों में सिर्फ 153 रन बनाने वाले सचिन तेंदुलकर फिर फ्लॉप रहे। उन्होंने हालांकि यहां नेट पर घंटों अभ्यास किया है जिससे अच्छी पारी की उम्मीद बंधती है।
विराट कोहली भी इस सीरीज़ में अभी तक नहीं चले हैं। इस पूरे साल अच्छे प्रदर्शन के बावजूद पिछली चार पारियों में वह कोई कमाल नहीं कर सके। भारत की गेंदबाजी भी पिछले दो टेस्ट में धारदार नहीं रही। हरभजन सिंह की अगुवाई में स्पिनर नाकाम रहे। इंग्लैंड के ग्रेम स्वान और मोंटी पनेसर ने प्रभावित किया लेकिन भारत के आर अश्विन और प्रज्ञान ओझा बेनूर साबित हुए।
तेज गेंदबाज जहीर खान मैच फिटनेस हासिल करने के लिये जूझ रहे हैं। उन्हें ना तो विकेट मिला और ना ही रिवर्स स्विंग। सौ टेस्ट खेलने से एक मैच दूर हरभजन ईडन गार्डन पर काफी कामयाब रहे हैं। यहां उन्होंने सात टेस्ट में 21.76 की औसत से 46 विकेट लिये हैं जिसमें छह बार एक पारी के पांच से अधिक विकेट चटकाये हैं।
हरभजन को फ्लू हो गया है और उनका खेलना तय नहीं लग रहा। ऐसे में धौनी के लिये गेंदबाजी संयोजन चुनना कठिन होगा क्योंकि वानखेड़े पर तीन स्पिनर और एक तेज गेंदबाज चुनने के लिये उनकी काफी आलोचना हुई थी। स्पिन गेंदबाजी के सामने इंग्लिश बल्लेबाजों की कमजोरी को भुनाने के लिये ओझा को शामिल किया जा सकता है जबकि अश्विन का खेलना तय है। स्थानीय तेज गेंदबाज अशोक डिंडा को टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण की उम्मीद है लेकिन जहीर और ईशांत शर्मा के रहते उन्हें मौका मिलना मुश्किल लग रहा है।
ईडन गार्डन पर भारत ने पिछले तीन टेस्ट में 600 से अधिक रन बनाये हैं। इनमें से दो जीते और एक हारा है। भारत को आखिरी बार यहां पराजय 1998-99 में एशियाई टेस्ट चैम्पियनशिप में पाकिस्तान के हाथों झेलनी पड़ी थी।
शुरू में तेज गेंदबाजों और बाद में स्पिनरों की मदद करने वाले इस विकेट पर एक पखवाड़े पहले बंगाल और गुजरात के बीच रणजी मैच खेला गया था। गुजरात ने मैच ड्रॉ कराया जब उसके आठवें और नौवे नंबर के बल्लेबाजों ने आखिरी दिन शतकीय साझेदारी की।
इंग्लैंड की टीम में तेज गेंदबाज स्टीव फिन को शामिल किया जा सकता है जो जांघ की चोट से उबर चुके हैं। फिन ने पिछले सप्ताह डी वाय पाटिल अकैडमी एकादश के खिलाफ इंग्लैंड परफॉर्मेंस प्रोग्राम की जीत में 16 ओवर में 50 रन देकर चार विकेट लिये थे। उनके खेलने पर स्टुअर्ट ब्रॉड को बाहर किया जा सकता है। भारत में 2001 में आखिरी मोर्चा फतेह करने के इरादे से आई ऑस्ट्रेलियाई टीम को कोलकाता में करारा झटका लगा था जब वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ की मैराथन पारियों के दम पर भारत ने सीरीज़ में बराबरी की। इसके बाद चेपाक पर अगला टेस्ट जीतकर सीरीज़ अपने नाम की थी।
क्रिकेट के इतिहास के पन्नों में शुमार उस जीत से धौनी की टीम को प्रेरणा लेनी चाहिये।
टीमें :
भारत : महेंद्र सिंह धौनी (कप्तान), वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, चेतेश्वर पुजारा, सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, युवराज सिंह, अजिंक्य रहाणे, आर अश्विन, प्रज्ञान ओझा, हरभजन सिंह, जहीर खान, ईशांत शर्मा, मुरली विजय, अशोक डिंडा। इंग्लैंड : एलेस्टेयर कुक (कप्तान), निक कॉम्पटन, जो रूट, जोनाथन ट्रॉट, केविन पीटरसन, इयान बेल, ईयोन मोर्गन, मैट प्रायर, जॉनी बेयरस्टा, समित पटेल, ग्रेम स्वान, मोंटी पनेसर, जेम्स एंडरसन, टिम ब्रेसनन, स्टुअर्ट ब्रॉड, स्टीवन फिन, ग्राहम ओनियंस, स्टुअर्ट मीकर, जेम्स ट्रेडवेल।
मैच का समय : सुबह नौ बजे से।
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