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कुक के कमाल से इंग्लैंड ने कसा शिकंजा
कोलकाता, एजेंसी First Published:06-12-12 10:49 AMLast Updated:06-12-12 04:30 PM
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बेहतरीन फॉर्म में चल रहे कप्तान एलिस्टेयर कुक की अगुवाई में इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने ईडन गार्डन पर भी भारतीय गेंदबाजों को अपने इशारों पर नचाकर तीसरे टेस्ट क्रिकेट मैच में अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।

कुक 236 गेंदों पर 19 चौकों और एक छक्के की मदद से 136 रन बनाकर खेल रहे हैं। अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने कई रिकॉर्ड अपने नाम लिखवाये। कुक ने निक क्राम्पटन (57) के साथ पहले विकेट के लिये 165 रन की साझेदारी की, जबकि जोनाथन ट्राट (नाबाद 21) के साथ वह 51 रन जोड़ चुके हैं। इससे इंग्लैंड ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक एक विकेट पर 216 रन बनाये।

इससे पहले महेंद्र सिंह धोनी (52 ) के अर्धशतक के बावजूद भारतीय टीम 316 रन पर आउट हो गयी थी। इस तरह से इंग्लैंड अब भारत से केवल 100 रन पीछे है। बायें हाथ के स्पिनर मोंटी पनेसर (90 रन देकर चार विकेट) ने सुबह दो विकेट निकालकर भारत को कम स्कोर पर समेटने में अहम भूमिका निभायी।

कुक ने 23वां शतक जड़कर इंग्लैंड की तरफ से सर्वाधिक शतक लगाने का नया रिकार्ड बनाया। इस बीच उन्होंने 7000 रन पूरे किये तथा सबसे कम उम्र (27 साल 347 दिन) और सबसे कम दिन (2482) में इस मुकाम पर पहुंचे। उन्होंने क्रमश: सचिन तेंदुलकर और अपने साथी केविन पीटरसन के रिकार्ड तोड़े।

कुक ने अभी तक केवल एक बार भारतीयों को मौका दिया। जब वह 17 रन पर थे तब जहीर खान की गेंद पर चेतेश्वर पुजारा ने पहली स्लिप में उनका कैच छोड़ा था। इसके बाद उन्हें भारत के तेज और स्पिन मिश्रित आक्रमण का सामना करने में कोई दिक्कत नहीं हुई। उन्होंने श्रृंखला में अपना लगातार तीसरा और कप्तान के रूप में लगातार पांचवां शतक बनाकर नये रिकार्ड बनाये।

मुंबई में दूसरे टेस्ट मैच में भी भारतीय गेंदबाजों ने निराशाजनक प्रदर्शन किया था जिसे इंग्लैंड ने दस विकेट से जीतकर श्रंखला 1-1 से बराबर की थी। भारत को जो एकमात्र सफलता काम्पटन के रूप में मिली, उसमें भी फैसला संदेहास्पद रहा।

बायें हाथ के स्पिनर ओझा की गेंद पर काम्पटन ने स्वीप करने का प्रयास किया लेकिन गेंद उनके पैड से टकरा गयी। अंपायर राड टकर ने पहले अपील ठुकराने के अंदाज में सिर हिलाया, लेकिन फिर उन्होंने उंगली उठा दी। काम्पटन फैसले से खुश नहीं थे, क्योंकि उन्हें लग रहा था कि गेंद उनके ग्लब्स को चूमने के बाद पैड पर लगी थी। काम्पटन ने अपने करियर का पहला अर्धशतक लगाया। उन्होंने 137 गेंद खेली तथा छह चौके और एक छक्का लगाया।

कुक ने इससे पहले ऑफ स्पिनर आर अश्विन की गेंद पर पैडल स्वीप से तीन रन लेकर अपना शतक पूरा किया। यह उनका भारत के खिलाफ पांचवां शतक है। इसके लिये उन्होंने 179 गेंद खेली तथा 14 चौके और एक छक्का लगाया।

भारतीय गेंदबाजों ने कुक की एकाग्रता भंग करने के लिये हर संभव कोशिश की। धोनी ने भी गेंदबाजी में लगातार बदलाव किये लेकिन इंग्लैंड के कप्तान के सामने उनकी हर रणनीति नाकाम रही। कुक ने काम्पटन के साथ मिलकर शुरू में सजग रवैया अपनाया जिसका उन्हें अच्छा फायदा मिला। इन दोनों की यह श्रृंखला में दूसरी शतकीय साझेदारी है।

कुक ने चायकाल से पहले इस श्रृंखला में 400 रन भी पूरे किये। उन्होंने अहमदाबाद (176) और मुंबई (122) में शतक बनाये थे।

इससे पहले इंग्लैंड ईडन की बल्लेबाजी के लिये अनुकूल पिच पर भारत को सामान्य स्कोर पर रोकने में सफल रहा। भारत ने सात विकेट पर 273 रन से आगे खेलना शुरू किया। धोनी ने 22 रन से अपनी पारी आगे बढ़ायी तथा 114 गेंद पर पांच चौकों और दो छक्कों की मदद से 52 रन बनाये।

धोनी की इस पारी से भारत 300 रन के पार पहुंचने में सफल रहा लेकिन पनेसर ने दिन के पहले पांच ओवर में दो विकेट लिये जिससे भारत आज अधिक रन नहीं जोड़ पाया।

तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन ने गेंदबाजी की शुएआत करके एक तरफ से दबाव बनाया लेकिन वह कल के अपने तीन विकेटों में आज कोई इजाफा नहीं कर पाया। पनेसर ने चतुराई से कई तरह की वैरीएशन आजमायी।

भारत की सुबह शुरुआत अच्छी नहीं रही। जहीर खान जब दो रन पर थे तब दिन के तीसरे ओवर में एंडरसन की गेंद पर ग्रीम स्वान ने दूसरी स्लिप में उनका कैच छोड़ा। जहीर हालांकि इसका फायदा नहीं उठा पाये और अगले ओवर में पनेसर ने उन्हें पवेलियन भेज दिया। जहीर ने छह रन बनाये।

पनेसर ने अपने अगले ओवर में इशांत शर्मा (शून्य) को आउट किया। इसके बाद धोनी ने ओझा के साथ आखिरी विकेट के लिये 20 रन जोड़े। ओझा ने कोई रन नहीं बनाया, लेकिन उन्होंने 19 गेंद का सामना किया तथा एक छोर पर डटे रहे।

धोनी ने पनेसर की गेंद पर लांग ऑफ पर छक्का जड़कर भारत का स्कोर 300 रन के पार पहुंचाया। इसके बाद उन्होंने इसी स्पिनर पर लांग आन पर छक्का लगाया। उन्होंने स्टीवन फिन पर एक्स्ट्रा कवर पर चौका लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया, लेकिन अगली गेंद उनके बल्ले का उपरी किनारा लेकर गली में स्वान के सुरक्षित हाथों में चली गयी।
 
 
 
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