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राजकोट में इंग्लैंड को भाग्य बदलने का भरोसा
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:09-01-13 04:43 PM
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दिल्ली की कड़ाके की सर्दी में लगातार दो वनडे अभ्यास मैच हारने के बाद इंग्लैंड को राजकोट में मौसम के साथ साथ अपना भाग्य बदलने का भी भरोसा है। राजकोट में भारत और इंग्लैंड के बीच पांच वनडे मैचों की सीरीज का पहला मैच शुक्रवार को खेला जाएगा।
 
भारत दौरे पर वनडे सीरीज के लिए वापस लौटने के बाद इंग्लैंड को गत रविवार को पालम मैदान में भारत-ए से और फिर फिरोजशाह कोटला मैदान में दिल्ली से करारी हार का सामना करना पड़ा था जिससे उसकी वनडे सीरीज की तैयारियों को गहरा झटका लगा। इंग्लैंड भारत-ए से 53 रन से और दिल्ली के खिलाफ पांच विकेट पर 294 रन का मजबूत स्कोर बनाने के बावजूद छह विकेट से हार गया था।
 
हालांकि इंग्लैंड ने टेस्ट सीरीज से पहले भी अभ्यास मैचों में सामान्य प्रदर्शन किया था लेकिन अहमदाबाद में पहला टेस्ट हारने के बाद उसने जोरदार वापसी करते हुए मुंबई और कोलकाता में अगले दो टेस्ट जीतकर चार मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम की थी। इंग्लैंड की भारत में 28 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद यह पहली टेस्ट सीरीज जीत थी।

इंग्लैंड ने भारत में अपनी पिछली दो वनडे सीरीज 0-5 के अंतर से गंवाई थी। लेकिन मौजूदा इंग्लिश टीम पहले से कहीं बेहतर दिखाई दे रही है और राजकोट में बदली परिस्थितियों में वह बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।

 राजकोट में तापमान दिल्ली के सर्द मौसम के मुकाबले ज्यादा बेहतर रहेगा और राजकोट में 20 डिग्री के तापमान के मौसम में इंग्लैंड के लिए खेलना आसान रहेगा। इंग्लैंड के स्पिनर जेम्स ट्रेडवेल ने कहा कि दिल्ली में काफी सर्द हवाएं चल रही थीं और राजकोट के अपेक्षाकृत अच्छे मौसम में हम चीजों को बदल सकते हैं। वैसे हार के लिए कोई बहाना नहीं होता है। लेकिन निश्चित रूप से इन दो पराजयों से सबक लेकर पहले वनडे में अपने प्रदर्शन में सुधार लाएंग।
 
इंग्लैंड के नए सीमित ओवरों के कोच एश्ले जाइल्स को भी वनडे सीरीज के लिए अपनी रणनीति में परिवर्तन लाना होगा। इंग्लैंड ने वनडे सीरीज के लिए अपने प्रमुख गेंदबाज जेम्स एंडरसन और चोटिल स्टुअर्ट ब्रॉड को विश्राम दे रखा है। इनकी अनुपस्थिति में टिम ब्रेसनेन, स्टुअर्ट मीकर, क्रिस वोक्स और जेड डर्नबाख को वनडे के नए नियमों के तहत ज्यादा अच्छा प्रदर्शन करना होगा।
 
नए नियमों में पावर प्ले के समय को छोड़कर बाउंड्री के फील्डरों की संख्या पांच से चार रह जाती है जिसका फायदा बल्लेबाजी करने वाली टीम उठा सकती है। ट्रेडवेल ने साथ ही कहा कि अभ्यास मैचों को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए। इन परिणामों का कोई महत्व नहीं होता। लेकिन फिर भी हमें प्रदर्शन में सुधार तो करना ही होगा।

 
 
 
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