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कड़े फैसले कर सकते हैं चयनकर्ता
कोलकाता, एजेंसी First Published:08-12-12 09:48 PM
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इंग्लैंड के खिलाफ चार मैचों की सीरीज के तीसरे टेस्ट में हार की कगार पर खड़ा भारत जब 1-2 से पिछड़ने के करीब है तब चयनकर्ता 13 दिसंबर से नागपुर में शुरू हो रहे चौथे और अंतिम क्रिकेट टेस्ट के लिए टीम में कुछ बदलाव कर सकते हैं। संदीप पाटिल की अध्यक्षता में पांच चयनकर्ता कल यहां टीम होटल में बैठक करके नागपुर में अंतिम टेस्ट के लिए टीम का चयन करेंगे।

टीम में युवराज सिंह की जगह पर सवाल खड़े हैं और प्रतिभावान मनोज तिवारी और रोहित शर्मा को उनके संभावित विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। बंगाल के बल्लेबाज तिवारी ने भारत ए के खिलाफ इंग्लैंड के अभ्यास मैच में 93 रन की पारी खेली थी और रणजी ट्राफी में गुजरात के खिलाफ 191 रन बनाए। रोहित ने भी रणजी ट्राफी में 112 और 79 रन की पारियां खेली हैं।

शीर्ष क्रम के कई बल्लेबाज सीरीज में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं। विराट कोहली फार्म में नहीं हैं लेकिन चयनकर्ताओं के उनको बरकरार रखने की उम्मीद है। भारत का प्रतिष्ठित बल्लेबाजी क्रम जहां उम्मीदों पर खरा उतरने में नाकाम रहा है वहीं घरेलू टीम के गेंदबाजों ने भी पिछले दो टेस्ट में निराश किया है। यहां चल रहे तीसरे टेस्ट में जहीर खान और इशांत शर्मा की तेज गेंदबाजी जोड़ी बेदम दिखी और इनके स्थान सवालों के घेरे में होंगे।

जहीर ने मौजूदा टेस्ट में इंग्लैंड की पहली पारी में 30 ओवर में सिर्फ एक विकेट चटकाया और वह अनफिट भी नजर आए। उनका अनुभव हालांकि उन्हें टीम में बरकरार रख सकता है। दस महीने से भी अधिक समय बाद टीम में वापसी करने वाले इशांत भी लय में नहीं दिखे और उन्होंने सिर्फ एक विकेट हासिल किया। ऐसे में बंगाल के तेज गेंदबाज अशोक डिंडा का चुना जाना लगभग तय है और उन्हें नागपुर में टेस्ट पदार्पण का मौका भी मिल सकता है। स्पिन गेंदबाजी में प्रज्ञान ओझा का टीम में बकरार रहना तय है। वह सीरीज में भारत के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज रहे हैं।

रविचंद्रन अश्विन को पिछले दो टेस्ट में गेंदबाजी के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा है लेकिन उन्होंने यहां दूसरी पारी में नाबाद 83 रन की पारी खेलकर भारत की पारी की हार को टाल दिया है। वह अब भी क्रीज पर डटे हुए हैं। चयनकर्ता अमित मिश्र और पीयूष चावला के नामों पर भी गौर कर सकते हैं क्योंकि इंग्लैंड के बल्लेबाज लेग स्पिन के खिलाफ सहज होकर नहीं खेलते। मिश्र ने चार रणजी मैचों में 13 विकेट चटकाए हैं और चावला के खिलाफ उनका पलड़ा भारी है।

 
 
 
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