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बेंगलोर की परेशानियां बढ़ाने उतरेगी दिल्ली
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:16-05-12 01:09 PM
शान के साथ प्लेऑफ में पहुंचने के बाद दिल्ली डेयरडेविल्स फिरोजशाह कोटला पर गुरुवार को होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग मैच में अपना चोटी का स्थान बरकरार रखने, प्लेऑफ से पहले शीर्ष क्रम की परेशानियों को दूर करने और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर की परेशानियों को बढ़ाने के लिए मैदान पर उतरेगी।
दिल्ली मंगलवार की रात किंग्स इलेवन पंजाब को हराकर प्लेऑफ में पहुंचने वाली पहली टीम बनी थी। उसके अब 14 मैच में 20 अंक हैं और बेहतर रन रेट होने से उसका शीर्ष दो स्थानों पर रहना भी लगभग तय है। यदि वीरेंद्र सहवाग की टीम बेंगलूर को हरा देती है तो उसका चोटी का स्थान पक्का हो जाएगा क्योंकि अभी दूसरे स्थान पर काबिज मुंबई इंडियन्स का नेट रन रेट अच्छा नहीं है।
पहले दो स्थान पर रहने से दिल्ली को एलिमिनिटेर से नहीं गुजरना होगा और उसे फाइनल में पहुंचने के दो मौके मिलेंगे। यही नहीं वह चैंपियन्स लीग के लिए भी क्वालीफाई कर जाएगी। यदि दिल्ली गुरुवार को भी जीत दर्ज करती है तो बेंगलोर की स्थिति नाजुक हो जाएगी और उसके लिये प्ले आफ में जगह बनाने के भी लाले पड़ जाएंगे।
इसलिए विराट कोहली की अगुवाई वाली बेंगलोर टीम के लिए यह मैच करो या मरो जैसा है। बेंगलोर अभी 14 मैच में 15 अंक लेकर पांचवें स्थान पर है। उसे प्ले ऑफ में पहुंचने के लिए अपने अगले दोनों मैच जीतने होंगे। इनमें से एक मैच में हार से वह बाहर होने के कगार पर होगी या फिर अगर मगर के गहरे भंवर में फंस जाएगी।
प्लेऑफ में पहुंचने के बावजूद दिल्ली की अपनी कुछ परेशानियां हैं जिनसे वह जल्द से जल्द निजात पाना चाहेगी। उसके गेंदबाज अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन उनके लिए असली चुनौती क्रिस गेल के तूफान से पार पाना होगा। दिल्ली की अभी सबसे बड़ी चिंता शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों का प्रदर्शन है।
केविन पीटरसन के इंग्लैंड लौटने के बाद सहवाग के बल्ले को भी सांप सूंघ गया है। लगातार पांच अर्धशतक जमाने के बाद उन्होंने पिछले चार मैच में केवल 39 रन बनाए हैं। टीम उनसे अब बडी पारी की उम्मीद रख रही है।
डेविड वॉर्नर ने एक मैच में शतक जड़कर पीटरसन की कमी पूरी करने की कोशिश की लेकिन बाकी तीन मैच में वह केवल 43 रन बना पाये हैं। पंजाब के खिलाफ पिछले मैच में कम लक्ष्य के सामने जिस तरह से दिल्ली के शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों ने लचर प्रदर्शन किया उससे टीम चिंतित होगी। दिल्ली के सामने 137 रन का लक्ष्य था उसके चोटी के चार बल्लेबाज 37 रन पर पवेलियन लौट गए थे।
अनुभवी माहेला जयवर्धने ने ऐसे में नाबाद 56 रन की पारी खेली। उन्हें नमन ओझा और इरफान पठान का अच्छा साथ मिला। मध्य और निचले क्रम के इन बल्लेबाजों का प्रदर्शन दिल्ली के लिए राहत की बात है।
लेकिन रोस टेलर का खराब फॉर्म से टीम चिंतित है। यह कीवी बल्लेबाज मंगलवार को खाता भी नहीं खोल पाया। टेलर अब तक नौ मैच में 107 रन बना पाये हैं और संभवत: दिल्ली उन पर अब अधिक दांव खेलने के बजाय आंद्रे रसेल को मौका देना चाहेगी।
फिरोजशाह कोटला की पिच पर कल जिस तरह से तेज गेंदबाजों को हल्की स्विंग मिली उससे बेंगलोर के जहीर खान और आर विनयकुमार से निबटना आसान नहीं होगा। इसके अलावा स्पिन के जादूगर मुथैया मुरलीधरन के चार ओवर भी दिल्ली के बल्लेबाजों को परेशानी में डाल सकते हैं।
दिल्ली के तेज गेंदबाजों मोर्ने मोर्कल, इरफान पठान, उमेश यादव और वरुण एरन अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। पिछले मैच में उमेश और एरन ने पंजाब को कम स्कोर पर रोकने में अहम भूमिका निभायी थी लेकिन गेल, तिलकरत्ने दिलशान, एबी डिविलियर्स और कोहली के सामने उन्हें कड़ी परीक्षा से गुजरना होगा।
गेल दिल्ली के दर्शकों को रोमांचित करने के लिए तैयार हैं। इस कैरेबियाई बल्लेबाज ने अब तक 13 मैच में 578 रन बनाए हैं जिसमें सात अर्धशतक शामिल हैं। दिलशान पिछले चार में से तीन मैच में 40 रन के पार पहुंचे हैं। डिविलियर्स ने मध्यक्रम में अच्छी भूमिका निभायी है लेकिन कार्यवाहक कप्तान कोहली अब भी रन बनाने के लिए जूझ रहे हैं।
कोहली 14 मैच में केवल एक अर्धशतक जमा पाये हैं। वह अपने घरेलू मैदान पर बड़ी पारी खेलकर फॉर्म में लौटना चाहेंगे। यहां निश्चित तौर पर उनके भी कई समर्थक मौजूद रहेंगे और यह युवा बल्लेबाज उन्हें निराश नहीं करना चाहेंगे।
इन दोनों टीमों के बीच पिछले मैच में बेंगलोर ने 20 रन से जीत दर्ज की थी। दोनों के बीच वैसे अब तक कुल आठ मैच खेले गए हैं जिनमें से पांच में दिल्ली को जीत मिली है। कोटला पर खेले गए तीन मैच में से दो में भी सहवाग की टीम विजयी रही है।
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