मंगलवार, 05 मई, 2015 | 01:37 | IST
 |  Site Image Loading Image Loading
मेडिकल लीव पर गए ईडन के क्यूरेटर
कोलकाता, एजेंसी First Published:01-12-12 02:02 PM
Image Loading

ईडन की पिच तैयार करने को लेकर पैदा हुए विवाद ने शनिवार को नाटकीय मोड़ ले लिया जब अनुभवी क्यूरेटर प्रबीर मुखर्जी मेडिकल लीव पर चले गए। उन्होंने भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरे टेस्ट के लिये उन्हें दरकिनार करने के बंगाल क्रिकेट संघ के फैसले को अपमानजनक बताया।
     
मुखर्जी 1985 से इस स्टेडियम की पिच तैयार कर रहे हैं। उन्होंने सुबह बंगाल क्रिकेट संघ (कैब) को पत्र लिखकर चिकित्सा अवकाश मांगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वह कभी लौटेंगे नहीं।
     
बीसीसीआई ने 83 बरस के मुखर्जी को दरकिनार करके पूर्वी क्षेत्र पिच और मैदान समिति के प्रतिनिधि आशीष भौमिक को ईडन की पिच तैयार करने का जिम्मा सौंपा है। उसके 48 घंटे के भीतर मुखर्जी ने यह कदम उठाया।
     
उन्होंने भौमिक की नियुक्ति के बारे में कहा कि यह मेरा अपमान है। उन्होंने कहा कि कैब अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने उन्हें धमकी दी है कि यदि उन्होंने पिच के बारे में बात की तो उन्हें निलंबित कर दिया जायेगा।
      
मुखर्जी ने कहा कि कहीं भी अध्यक्ष को पिच के बारे में बोलने का अधिकार नहीं होता लेकिन यहां वे मुझे धमकी दे रहे हैं कि यदि मैने पिच के बारे में बोला तो मुझे निलंबित कर दिया जायेगा। कैब को दो दशक से अधिक की सेवायें देने के बाद मेरे साथ ऐसा सलूक किया जा रहा है।

समझा जाता है कि मुखर्जी के भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धौनी से मतभेद है। धौनी ने कोलकाता टेस्ट के लिये टर्निंग पिच मांगी थी जबकि मुखर्जी ने कहा था कि यह मांग बेतुकी है क्योंकि दो पिचें एक सी नहीं हो सकती। इसके बाद ही बीसीसीआई ने भौमिक को पिच तैयार करने का जिम्मा सौंपा।
      
मुखर्जी ने कहा कि मुझे लगा था कि कैब मेरा साथ देगा लेकिन वह भी मेरे पीछे पड़ गया है। मेरा रक्तचाप कल 170-100 हो गया था। चेकअप के बाद डॉक्टरों ने मुझे एक महीने आराम की सलाह दी। मैंने मेडिकल रिपोर्ट भेज दी है और एक महीने का चिकित्सा अवकाश मांगा है।
     
उन्होंने कहा कि मैं पैसा कमाने के लिये पिच नहीं बनाता। मैंने बांग्लादेश में अंडर 19 विश्व कप (2004) और आईसीसी कप के लिये पिच तैयार करने का कोई पैसा नहीं लिया। क्रिकेट मेरा जुनून है और यही वजह है कि मैं इतने लंबे से ईडन से जुड़ा हूं।
     
छह दिन के भीतर अपनी 73 वर्षीय पत्नी और 31 बरस की बेटी को खोने वाले मुखर्जी मानसिक अवसाद से भी जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरी बेटी का निधन 25 मई को हुआ और 31 मई को मेरी पत्नी चल बसी। इसके बावजूद मैने एक दिन की भी छुट्टी नहीं ली। मेरी पत्नी के निधन के एक दिन बाद मैं ईडन गार्डन पर था। मेरी प्रतिबद्धता पर कोई सवाल नहीं उठा सकता लेकिन कैब ने मेरे साथ ऐसा बुरा बर्ताव किया।
     
यह पूछने पर कि क्या वह लौटेंगे, मुखर्जी ने कहा कि देखना पड़ेगा। मैं अब काफी बूढा हो गया हूं और पत्नी तथा बेटी की मौत ने मुझे कमजोर कर दिया है।

 
 
 
क्रिकेट स्कोरबोर्ड
जरूर पढ़ें
Image Loadingकेकेआर की सनराइजर्स पर शानदार जीत
तेज गेंदबाज उमेश यादव ने पहले ही ओवर में सनराइजर्स हैदराबाद के दो अहम विकेट चटकाकर दबाव बनाया और बाद में ब्राड हाग ने इस लय को कायम रखते हुए कोलकाता नाइट राइडर्स को आईपीएल के मैच में आज 35 रन से जीत दिलाई।