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लंदन, एजेंसी
First Published:01-06-12 11:40 PM
Last Updated:01-06-12 11:42 PM
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की क्रिकेट समिति ने वनडे मैचों में 16वें से 40वें ओवर के बीच पावर प्ले के इस्तेमाल के नियम को जारी नहीं रखने की सिफारिश की है। समिति ने कहा कि क्रिकेट के छोटे प्रारूप को आक्रामक बनाने में इसका प्रभाव काफी कम रहा है।
समिति ने 30 और 31 मई को यहां लाडर्स पर हुई बैठक में बारिश से प्रभावित मैचों में डकवर्थ लुईस प्रणाली की जगह लक्ष्य निर्धारित करने के लिए वीजेडी प्रणाली के इस्तेमाल के खिलाफ भी फैसला किया। वीजेडी प्रणाली भारतीय इंजीनियर वी जयदेवन ने तैयार की है।
पिछले साल आईसीसी की क्रिकेट समिति की बैठक में वनडे मैचों के दौरान दोनों टीमों के लिए 16वें से 40वें ओवर के बीच गेंदबाजी और बल्लेबाजी पावर प्ले लेना अनिवार्य किया गया था। टीमों को इसके अलावा दोनों छोर से नई गेंद का इस्तेमाल करना था।
बल्लेबाजी और गेंदबाजी को आक्रामक बनाने के लिए वनडे क्रिकेट में यह बदलाव किए गए थे। समिति ने सिफारिश की है लेकिन पावर प्ले को पहले 10 ओवर में अलावा पांच ओवर के एक बल्लेबाजी पावर प्ले तक सीमित किया जाए जिसे 40वें ओवर तक समाप्त करना होगा।
बिना पावर प्ले के ओवर में केवल चार खिलाड़ियों को 30 यार्ड के घेरे से बाहर खड़े होने की स्वीकृति देने की सिफारिश भी की गई। समिति ने साथ ही प्रत्येक ओवर में शार्ट पिच गेंदों की संख्या एक से बढ़ाकर दो करने की स्वीकृति देने की सिफारिश भी की है।
आईसीसी के क्रिकेट महाप्रबंधक डेविड रिचर्डसन ने आईसीसी विज्ञप्ति में कहा कि इन बदलावों से खेल के बेहद लोकप्रिय प्रारूप को और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। हालांकि टी-20 क्रिकेट से अलग 50 ओवर के क्रिकेट की मजबूत पहचान विकसित करने की जरूरत है।
समिति ने मौजूदा डकवर्थ लुईस प्रणाली की जगह लक्ष्य की गणना करने के लिए जयदेवन के उनकी प्रणाली का इस्तेमाल करने की पेशकश पर भी विचार किया लेकिन सर्वसम्मति से सहमति बनी कि डकवर्थ लुईस प्रणाली में कोई बड़ी चूक होने का कोई साक्ष्य नहीं है और साथ ही समिति को नहीं लगता कि वीजेडी प्रणाली के जरिए किसी सुधार की पेशकश की गई है।
इसलिए समिति ने सीमित ओवर के मैचों में ओवर घटने पर लक्ष्य की गणना करने के लिए डकवर्थ लुईस प्रणाली को ही प्राथमिकता देने का फैसला किया।
समिति ने साथ ही सिफारिश की कि स्थानापन्न खिलाड़ियों से जुड़े नियमों को लागू करने में कड़ा रवैया अपनाया जाना चाहिए। समिति ने माना कि अब भी गेंदबाजी छोर पर खड़े बल्लेबाज के गेंदबाज के गेंद फेंकने से पहले ही क्रीज छोड़ने के वाकये हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसे अनुचित खेल माना जाएगा और अगर बल्लेबाज ऐसा जारी रखता है तो गेंदबाज के पास उसे रन आउट करने का अधिकार होगा।
समिति ने आईसीसी विश्व टी-20 का आयोजन प्रत्येक दो बरस में कराने का भी समर्थन किया और यह भी कि यह पुरुष और महिला वर्ग की संयुक्त प्रतियोगिता होगी। इस बात पर भी सहमति बनी कि खेल के विकास को बढ़ावा देने के लिए आईसीसी विश्व टी-20 के पुएष वर्ग में 2014 से 16 टीमें होनी चाहिए और आईसीसी विश्व अंडर-19 टी-20 प्रतियोगिता नहीं होनी चाहिए। समिति ने सहमति जताई कि दिन रात्रि टेस्ट मैचों के संदर्भ में अहम है कि प्रोत्साहन जारी रखा जाए और साथी ही सिफारिश की कि द्विपक्षीय सीरीज में प्रतिस्पर्धा पेश कर रहे देशों को सहमत होना चाहिए कि आग्रह किए जाने पर वे दिन रात्रि टेस्ट मैचों के ट्रायल के लिए इच्छुक रहेंगे। काफी विस्तृत बहस के बाद समिति ने फैसला किया किया स्विच हिट खेल का वैध हिस्सा रहेगा लेकिन उसने एमसीसी से आग्रह किया कि वह खिलाड़ियों और मैच अधिकारियों के साथ विस्तत विचार विमर्श के बाद इस मुददे पर आगे के निर्देश दे।
समिति ने साथ ही सिफारिश की कि स्थानापन्न खिलाड़ियों से जुड़े नियमों को लागू करने में कड़ा रवैया अपनाया जाना चाहिए। समिति ने माना कि अब भी गेंदबाजी छोर पर खड़े बल्लेबाज के गेंदबाज के गेंद फेंकने से पहले ही क्रीज छोड़ने के वाकये हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसे अनुचित खेल माना जाएगा और अगर बल्लेबाज ऐसा जारी रखता है तो गेंदबाज के पास उसे रन आउट करने का अधिकार होगा।
समिति ने आईसीसी विश्व टी-20 का आयोजन प्रत्येक दो बरस में कराने का भी समर्थन किया और यह भी कि यह पुरुष और महिला वर्ग की संयुक्त प्रतियोगिता होगी। इस बात पर भी सहमति बनी कि खेल के विकास को बढ़ावा देने के लिए आईसीसी विश्व टी-20 के पुएष वर्ग में 2014 से 16 टीमें होनी चाहिए और आईसीसी विश्व अंडर-19 टी-20 प्रतियोगिता नहीं होनी चाहिए। समिति ने सहमति जताई कि दिन रात्रि टेस्ट मैचों के संदर्भ में अहम है कि प्रोत्साहन जारी रखा जाए और साथी ही सिफारिश की कि द्विपक्षीय सीरीज में प्रतिस्पर्धा पेश कर रहे देशों को सहमत होना चाहिए कि आग्रह किए जाने पर वे दिन रात्रि टेस्ट मैचों के ट्रायल के लिए इच्छुक रहेंगे। काफी विस्तृत बहस के बाद समिति ने फैसला किया किया स्विच हिट खेल का वैध हिस्सा रहेगा लेकिन उसने एमसीसी से आग्रह किया कि वह खिलाड़ियों और मैच अधिकारियों के साथ विस्तत विचार विमर्श के बाद इस मुददे पर आगे के निर्देश दे।
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